अपराध
कफ सिरप तस्करी मामला: मास्टरमाइंड का करीबी अमित सिंह टाटा गिरफ्तार
बर्खास्त सिपाही की भूमिका भी जांच के दायरे में
लखनऊ/वाराणसी। कोडीन मिक्स कफ सिरप की तस्करी के मामले में फरार मास्टरमाइंड के करीबी अमित सिंह टाटा को एसटीएफ ने गुरुवार को लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसटीएफ ने उसके पास से फॉर्च्यूनर वाहन (UP 65 FN 9777) बरामद किया, जिसका इस्तेमाल एक बाहुबली की गाड़ी फ्लीट में किया जाता है। मामले में एसटीएफ के एक बर्खास्त सिपाही की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
शासन द्वारा 12 फरवरी 2024 को एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की संयुक्त जांच समिति गठित की गई थी। जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध फेंसेडिल कफ सिरप बरामद कर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस प्रकरण में सहारनपुर निवासी विभोर राणा और विशाल सिंह को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में अमित सिंह टाटा के नाम का खुलासा होने के बाद आज उसे दबोचा गया। इसकी विवेचना एसटीएफ करेगी।
अमित ने पूछताछ में बताया कि आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के जरिए उसकी पहचान वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल से हुई, जिसका शैली ट्रेडर्स नाम से रांची में फेंसेडिल का बड़ा कारोबार है। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में सिरप की अधिक मांग और तस्करी से भारी मुनाफे के चलते उसने साझेदारी की। जनवरी 2024 में धनबाद में देवकृपा मेडिकल एजेंसी नाम से फर्म खुलवाई गई। अमित ने पाँच लाख रुपए निवेश किए, जिसके बदले उसे 22 लाख रुपए मिले।
इसके बाद बनारस में ‘श्री मेडिकल’ नाम से दूसरी फर्म खुलवाई गई, जिसका सारा संचालन शुभम और उसके पार्टनर करते थे। बनारस की फर्म से आठ लाख रुपए लाभ मिले, जिन्हें उसने अपनी पत्नी साक्षी सिंह के खाते में जमा कराया। बाद में एबॉट कंपनी ने इस सिरप का निर्माण बंद कर दिया।
अमित टाटा के अनुसार शुभम और उसके पार्टनरों ने एबॉट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत से 100 करोड़ रुपए से अधिक का सिरप खरीदा गया। फर्जी खरीद-बिक्री बिल और ई-वे बिल के जरिए तस्करी कर इसे विभिन्न राज्यों व बांग्लादेश भेजा गया। रांची और गाजियाबाद में शुभम गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अमित अपने परिवार, पार्टनर वरुण सिंह और गौरव जायसवाल के साथ दुबई भाग गया। शुभम फेसटाइम ऐप के जरिए संपर्क करता था और कई फर्जी फर्मों के जरिये अवैध कारोबार से मुनाफा कमाता रहा।
