गोरखपुर
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पटल प्रभारियों को किया तलब
कहा – शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
गोरखपुर। जनपद की पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने सख्त लेकिन सकारात्मक पहल शुरू की है। पारंपरिक बैठकों से अलग हटकर वह प्रतिदिन अलग-अलग थानों और शाखाओं में तैनात पटल प्रभारियों को सीधे अपने कार्यालय में बुलाकर उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहे हैं। इस कदम को महकमे में अनुशासन और जवाबदेही की नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
एसएसपी का स्पष्ट मानना है कि थाने और शाखाओं में तैनात पटल प्रभारी ही पुलिस और आमजन के बीच पहली कड़ी होते हैं। शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके निस्तारण, सत्यापन, रिपोर्ट प्रेषण और रिकॉर्ड संधारण तक की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होती है। ऐसे में यदि पटल स्तर पर ढिलाई होगी तो पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी। इसी सोच के तहत डॉ. कौस्तुभ खुद एक-एक पटल प्रभारी से सीधा संवाद कर रहे हैं और लंबित मामलों की बारीकी से जानकारी ले रहे हैं।
कार्यालय में हो रही इन बैठकों में लंबित प्रकरणों, जनसुनवाई की शिकायतों, महिला उत्पीड़न, साइबर अपराध, चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट रिपोर्ट और अन्य प्रशासनिक कार्यों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की जा रही है। जहां भी फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित मिलीं, वहां तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने दो टूक कहा है कि फरियादियों को बेवजह चक्कर लगवाना या फाइल दबाकर रखना अब नहीं चलेगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
बताया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था का असर भी दिखने लगा है। पटल प्रभारी अपने-अपने रजिस्टर अपडेट रखने लगे हैं और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है। कई थानों में पुराने प्रकरणों की समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। कर्मचारियों में यह स्पष्ट संदेश पहुंचा है कि अब हर कार्य की सीधे मॉनिटरिंग हो रही है।
डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की छवि उसके व्यवहार और कार्य की गति से बनती है।
आमजन जब थाने या कार्यालय आता है तो उसे संवेदनशीलता और तत्परता का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि हर पटल की जवाबदेही तय रहे और पुलिस व्यवस्था में अनुशासन कायम रहे।
जनपद में बेहतर और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एसएसपी की यह पहल एक अहम कदम मानी जा रही है, जिसकी चर्चा पूरे महकमे में हो रही है।
