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इंजेक्शन लगते ही तीन माह की वैष्णवी की मौत, दो बच्चे गंभीर
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू वार्ड में इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद तीन माह की बच्ची वैष्णवी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद परिजन गुस्सा हो गए और स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सीएमएस ने कहा है कि लिखित शिकायत मिलने पर टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी।
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक हॉस्पिटल कैली के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती वैष्णवी के पिता दुखराम ने बताया कि बच्ची के रोने और दूध न पीने की वजह से मंगलवार भोर में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर में राउंड पर पहुंचे चिकित्सक डॉ. श्याम गुप्ता ने दवा देने के लिए बीएसटी पर लिखा था। परिजनों का आरोप है कि वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स ने 11 माह के अर्थ पुत्र इन्द्रजीत, नौ माह के ऋषभ पुत्र दिनेश और वैष्णवी को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही तीनों बच्चों के मुंह से झाग निकलने लगा और वे तेज-तेज सांस लेने लगे। इसी दौरान वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का कहना है कि स्टाफ नर्स वहां से हट गईं।
बताया गया कि करीब 15 मिनट बाद वैष्णवी की मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर डॉ. श्याम गुप्ता, डॉ. मोहम्मद आमिर, डॉ. टीएन गुप्ता और डॉ. सोनाली ने बच्चों का उपचार शुरू किया, जिससे दो बच्चों की हालत स्थिर हो गई। घटना की जानकारी पर डायल 112 की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।
इस पूरे मामले में सीएमएस डॉ. समीर श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों को सांस लेने में परेशानी थी। जिस दवा के इंजेक्शन से मृत्यु होने की बात कही जा रही है, वही दवा अन्य बच्चों को भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर जांच के लिए टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी।
