गोरखपुर
आर्थिक संकट और पारिवारिक कलह से परेशान सराफा व्यापारी ने की आत्महत्या
गोरखपुर। जिले के पीपीगंज में आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह से व्यथित एक सराफा व्यापारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। हनुमत नगर निवासी 40 वर्षीय राहुल वर्मा मंगलवार भोर करीब पांच बजे अपने कमरे में छत की कुंडी से लटकते पाए गए। पत्नी द्वारा दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब न मिलने पर जब अंदर देखा गया तो घटना का पता चला। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला स्तब्ध रह गया।
राहुल वर्मा अपनी पत्नी माया वर्मा, बेटे और छोटे परिवार के साथ हनुमत नगर में रहते थे। वह गांव-गांव जाकर चांदी के गहने बेचकर जीविका चलाते थे। घर की बढ़ती जिम्मेदारियां, कर्ज और व्यापार में मंदी को लेकर वह पिछले कुछ समय से गहरे तनाव में थे। उनकी पत्नी माया कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पडरौना (कुशीनगर) में शिक्षिका हैं। परिवारजनों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच आए दिन तकरार की स्थिति बनी रहती थी, जिससे राहुल मानसिक रूप से काफी टूट चुके थे।
घटना से दो दिन पहले उन्होंने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर लखनऊ से एक पोस्ट डालकर आत्मघाती कदम उठाने का संकेत भी दिया था, लेकिन परिजनों को लगा कि उन्होंने यह बात क्षणिक गुस्से में कही है। किसी ने भी उनकी पोस्ट को गंभीरता से नहीं लिया। घटना के समय घर में राहुल, उनकी पत्नी और बच्चा मौजूद थे, जबकि माता-पिता और भाई भरवल गांव स्थित दूसरे मकान पर थे।
पीपीगंज थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव और आर्थिक तंगी की स्थिति सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। कस्बे के लोगों का कहना है कि यदि राहुल के दो दिन पहले किए गए पोस्ट को गंभीरता से लिया गया होता, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।
