गाजीपुर
आयुष्मान और शिव हॉस्पिटल में गंभीर लापरवाही उजागर, नीम हकीमों के भरोसे इलाज
जांच में खुलासा—बिना मानक और बिना डॉक्टर के चल रहे थे ऑपरेशन
गाजीपुर (जयदेश)। जनपद के देवकली ब्लाक के विभिन्न हॉस्पिटलों का शुक्रवार को एडिशनल सीएमओ डॉक्टर रामकुमार और डॉ. जे. एन. सिंह की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। जिस दौरान आयुष्मान हॉस्पिटल नंदगंज, शिव हॉस्पिटल बरहपुर गाज़ीपुर में कई मरीजों का ऑपरेशन कर बेड पर मिले।

नंदगंज स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल निरीक्षण के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहा था। हॉस्पिटल में 5 मरीजों का ऑपरेशन हुआ पाया गया। जिसमें रेवसा करंडा ब्लॉक की प्रेमा देवी का मसबीरी का ऑपरेशन, जमालपुर की चनता देवी का बच्चेदानी का ऑपरेशन, रेवसा करंडा की प्रीती का सिजेरियन डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ था, रामपुर मांझा की ज्योती का नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ था, वही कुसुमही खुर्द की सुमन यादव ब्लड प्रेशर की मरीज मिली।

इसी क्रम में शिव हॉस्पिटल बरहपुर का भी निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और न ही वहां कोई पोस्ट ऑपरेटिव डॉक्टर मिला। वहां पर भी 3 मरीजों का ऑपरेशन कर हॉस्पिटल में एडमिट मिले। कुसुमही खुर्द की रहने वाली निर्मला देवी का पथरी का ऑपरेशन, वयेपुर देवकली नीतू देवी का सिजेरियन डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ था, चोचकपुर सोनहरिया की प्रियंका देवी का सिजेरियन डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ था। इन हॉस्पिटलों में कोई मानक नहीं पाया गया। सब नीम हकीम डॉक्टरों के भरोसे हॉस्पिटल चल रहे थे। नोडल अधिकारी डॉ. राम कुमार ने बताया कि हॉस्पिटल को तुरन्त बंद करने के निर्देश दे दिए गए हैं और आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम इस समय ऐक्शन मूड में है। दो दिन पूर्व कासिमाबाद बहादुरगंज के रुद्राक्ष हॉस्पिटल में निरीक्षण के दौरान फर्जी ढंग से संचालित हो रहा था, उस पर विभाग द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज कर सीज कर दिया गया है। विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से झोला छाप हॉस्पिटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
