अपराध
असलहे के बल पर देशी शराब की दुकान में दो लाख की लूट, जांच में जुटी पुलिस
बस्ती। जिले के लालगंज क्षेत्र अंतर्गत कड़सरी मिश्र गांव में स्थित देशी शराब की दुकान पर बीती रात हुई लूट की घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। अज्ञात बदमाशों ने असलहे के बल पर दुकान में कार्यरत सेल्समैन से करीब दो लाख रुपये नकद और सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर लूट लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन, अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कान्त समेत तीन थानों की पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि पुलिस इस पूरे मामले को लेकर अभी संदेह की स्थिति में है।
जानकारी के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के कड़सरी मिश्र गांव में स्थित यह देशी शराब की दुकान दौलतपुर थाना क्षेत्र के वंशीलाल की है। दुकान की देखरेख कलवारी थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी उनके रिश्तेदार श्याम कुमार करते हैं, जबकि सेल्समैन के रूप में लालगंज थाना क्षेत्र के बैजीपुरवा गांव निवासी धीरेंद्र कुमार यादव कार्यरत हैं।
बताया गया कि शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे यूपी 58 नंबर की एक कार से छह लोग कड़सरी गांव की ओर से दुकान पर पहुंचे। वे एक पेटी शराब लेने के बाद ऑनलाइन भुगतान के बहाने दुकान के भीतर आए। भुगतान सफल न होने की बात कहकर धीरे-धीरे पांच लोग दुकान के अंदर दाखिल हो गए, जबकि एक व्यक्ति कार में ही बैठा रहा। इसी दौरान दो बदमाशों ने असलहा निकाल लिया और दो ने चाकू, जिसके बाद सेल्समैन को चुप रहने की धमकी देते हुए उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद काउंटर में रखे करीब दो लाख रुपये निकाल लिए गए और कैमरा व एलसीडी तोड़ दी गई। बदमाश नकदी के साथ डीवीआर लेकर कड़सरी की ओर फरार हो गए।
घटना की जानकारी कुछ देर बाद सेल्समैन द्वारा दिए जाने पर वंशीलाल के रिश्तेदार श्यामकरन मौके पर पहुंचे। इसके बाद डायल 112 के माध्यम से सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ रुधौली और लालगंज सहित तीन थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सेल्समैन से पूछताछ कर उसे अपने साथ ले लिया।
शनिवार दोपहर क्राइम ब्रांच के विकास यादव और सीओ कुलदीप यादव भी दोबारा जांच के लिए मौके पर पहुंचे। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी इस घटना को संदेह के दायरे में ही मान रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि बगल में रहने वाले लोगों को घटना की भनक तक नहीं लगी, जबकि रात नौ बजे तक इस मार्ग पर काफी लोगों की आवाजाही रहती है। यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि बदमाश आबादी के बीच से वाहन लेकर क्यों गए, जबकि पुल पार कर मुख्य मार्ग से निकलना उनके लिए आसान होता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान पर रोजाना करीब 30 हजार रुपये की बिक्री होती है, ऐसे में दो लाख रुपये की नकदी लूटे जाने को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। वहीं श्याम का कहना है कि एक सप्ताह पहले ही वह हिसाब करने गए थे और उसके बाद वहां नहीं जा पाए, इसी वजह से दुकान पर अधिक रकम मौजूद थी।
