Connect with us

वाराणसी

अटैची लेकर आने-जाने सांसद काशी का बेटा होने का भाव नहीं जी सके : आलोक शर्मा

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक शर्मा ने रविवार को एक पत्रकार वार्ता में कहा कि, अटैची लेकर आने और लौट जाने वाले सांसद काशी से राजनीति का ग्लैमर तो पाते रहे, लेकिन काशी का बेटा होने का भाव नहीं जी सके। ऐसे वर्तमान सांसद दस वर्ष प्रधानमंत्री रहकर भी काशी को विकास का उसका हक नहीं दे सके।

उन्होंने कहा कि, काशी शिक्षा और कला की पुरातन नगरी है, लेकिन इन क्षेत्रों के साथ साथ उद्योग, व्यापार आदि किसी भी क्षेत्र में संस्थागत विकास का कोई योगदान वह नहीं दे सके। ढांचा गत विकास के कुछ न कुछ काम सभी शहरों में होते रहे हैं और ऐसे कुछ काम भले हो गये हों, लेकिन उसके बावजूद वाराणसी के अनेक क्षेत्र सड़क, सीवर आदि से जुड़ी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। विगत दिनों में कई सफाई मजदूर सीवर के भीतर बुनियादी संसाधनों के बिना काम की स्थिति में जान गंवा चुके।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री सांसद होते हुये भी बनारस को कोई विश्वविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान, कल कारखाना और रोजगार संवर्धन के अवसर नहीं मिल सके। यहां निर्माण के जो काम हुते भी सभी गुजराती कंपनियों के हांथ में रहे, स्मार्ट सिटी के भी सारे काम उन्हीं के हाथ हैं। यहां तक कि मोदी जी का पूरा चुनावी एवं राजनीतिक प्रबंधन भी गुजरात के लोग ही करते हैं। किसी स्थानीय व्यक्ति पर उनका भरोसा नहीं। अतः देश भर में चल रहे बदलाव के आलम में बनारस के मतदाता भी बदलाव और अपने बीच के राजनीतिक कार्यकर्ता को चुनें।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page