धर्म-कर्म
अगले 54 साल तक नहीं बदलेगी मकर संक्रांति की तारीख
वाराणसी। ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी की रात 9:39 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ संक्रांति का पुण्यकाल 16 घंटे तक रहेगा, जो अगले सूर्योदय के बाद 15 जनवरी को दोपहर बाद तक मान्य होगा।
ज्योतिषीय गणना और सूर्य की चाल के आधार पर देखा जाए तो अगले 54 वर्षों तक यानी वर्ष 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इसके बाद ज्योतिष गणना के अनुसार यह पर्व एक दिन आगे बढ़कर 16 जनवरी को मनाया जाने लगेगा।
ज्योतिषविद् आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार हर वर्ष सूर्य के राशि परिवर्तन में लगभग 20 मिनट का विलंब होता है। इस तरह तीन वर्षों में यह अंतर एक घंटे का हो जाता है और 72 वर्षों में कुल 24 घंटे का अंतर आ जाता है। सूर्य और चंद्रमा ग्रह मार्गीय होते हैं तथा पीछे नहीं चलते, इसलिए 72 वर्षों में संक्रांति का समय एक दिन आगे बढ़ जाता है।
इस गणना के अनुसार 72 वर्ष वर्ष 2008 में ही पूरे हो गए थे। हालांकि इसके बाद छह वर्षों तक सूर्य का राशि परिवर्तन प्रातः काल में होने के कारण पूर्व काल मानकर मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाती रही। इससे पहले सूर्य का राशि परिवर्तन संध्याकाल में होता था और 1936 से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जा रही थी।

इतिहास के अनुसार इससे पहले 1864 से 1936 तक यह पर्व 13 जनवरी को और 1792 से 1863 तक 12 जनवरी को मनाया जाता था। वर्ष 1863 में 12 जनवरी को जब स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था, उस दिन मकर संक्रांति का पर्व था।
ज्योतिषविद् आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इस बार मकर संक्रांति का पर्व वृद्धि योग, शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि और ज्येष्ठा नक्षत्र में गुरुवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन साधारण नदी भी गंगा समान हो जाती है और सनातन धर्म में इस दिन स्नान-दान का विशेष महात्म्य बताया गया है। उन्होंने कहा कि जातक अपनी राशि के अनुसार दान कर सकते हैं और इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही पेड़ न काटने और तुलसी पत्ती न तोड़ने की भी सलाह दी गई है।
राशि के अनुसार दान की बात करें तो मेष राशि के लिए लाल मिर्च, लाल वस्त्र और मसूर दाल, वृषभ राशि के लिए सफेद तिल के लड्डू, चावल और चीनी, मिथुन राशि के लिए हरी सब्जियां, मौसमी फल और साबुत मूंग, कर्क राशि के लिए जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र और घी, सिंह राशि के लिए गुड़, चिक्की, शहद और मूंगफली, कन्या राशि के लिए मूंग दाल की खिचड़ी बनाकर जरूरतमंदों को खिलाना, तुला राशि के लिए सफेद वस्त्र, मखाना, चावल और चीनी, वृश्चिक राशि के लिए मूंगफली, गुड़ और लाल रंग के गर्म कपड़े, धनु राशि के लिए पीले वस्त्र, केले, बेसन और चने की दाल, मकर राशि के लिए काले तिल के लड्डू और कंबल, कुंभ राशि के लिए ऊनी कपड़े, सरसों तेल और जूता-चप्पल, जबकि मीन राशि के लिए पीली सरसों, चने की दाल और मौसमी फल दान करने का उल्लेख किया गया है।
