वाराणसी
SIR: वाराणसी में पांच लाख से अधिक नाम अपमार्जित, मतदाता नामावली प्रकाशित
वाराणसी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छह जनवरी को विधानसभा मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले की आलेख्य नामावली यानी ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। गणना प्रपत्र भरने और जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत जनपद की आठ विधानसभा सीटों से कुल 5,73,203 मतदाताओं के नाम सूची से अपमार्जित कर दिए गए हैं।
एसआइआर के बाद जारी की गई मतदाता सूची को अब कोई भी मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास, निर्वाचन आयोग की वेबसाइट अथवा वोटर मोबाइल एप के माध्यम से देख सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को तहसील सदर स्थित निर्वाचन कार्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की हार्ड कॉपी सौंपकर औपचारिक रूप से इसका प्रकाशन किया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन बिपिन कुमार ने जानकारी दी कि विशेष सघन पुनरीक्षण से पूर्व जनपद में कुल 31,53,705 मतदाता पंजीकृत थे। एसआइआर के बाद एएसडी श्रेणी में आने वाले मतदाताओं, जिनमें मृतक, लंबे समय से अनुपस्थित तथा स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं, के 5,73,203 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, इन सभी मतदाताओं को भी निर्धारित अवधि में दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
पुनरीक्षण के बाद अब जिले में 25,80,502 मतदाता सूची में सुरक्षित माने गए हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस दौरान 1,62,680 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनका मिलान नहीं हो सका, जिन्हें ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस भेजे जाएंगे और उन्हें छह फरवरी 2026 तक अपना दावा अथवा आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी।
दावा और आपत्ति दर्ज करने की अवधि छह जनवरी से छह फरवरी तक निर्धारित की गई है। नोटिस जारी करने और निस्तारण की प्रक्रिया छह जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगी। सभी दावों और आपत्तियों की विभिन्न स्तरों पर जांच तीन मार्च तक पूरी की जाएगी, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन छह मार्च 2026 को किया जाएगा।
विधानसभावार हटाए गए मतदाताओं की संख्या के अनुसार पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,75,261 मतदाताओं में से 52,426 नाम हटाए गए हैं। अजगरा में 3,67,532 मतदाताओं में से 35,961, शिवपुर में 3,93,968 में से 51,963, रोहनिया में 4,22,551 में से 77,262, उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में 4,48,685 में से 1,11,457, दक्षिणी में 3,20,713 में से 76,722, कैंट क्षेत्र में 4,71,672 में से 1,12,384 तथा सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में 3,53,323 मतदाताओं में से 55,028 नाम अपमार्जित किए गए हैं।
नो मैपिंग या हटाए गए नामों के मामलों में मतदाताओं को आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से किसी एक को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना होगा। इनमें केंद्र या राज्य सरकार अथवा किसी सरकारी निगम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन पत्र, एक जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, हाईस्कूल या अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र (एससी, एसटी, ओबीसी अथवा अन्य) तथा राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण से संबंधित प्रमाण शामिल हैं।
एसआइआर के बाद जारी मतदाता सूची किसी भी माध्यम से देखी जा सकती है। यह सूची बीएलओ के पास उपलब्ध है और ऑनलाइन www.voters.eci.gov.in वेबसाइट अथवा ECINET मोबाइल एप पर भी देखी जा सकती है। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी प्रविष्टि अवश्य जांच लें और यदि नाम सूची में शामिल नहीं है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म छह, छह क, सात अथवा आठ भरकर समय रहते अपना नाम दर्ज कराएं।
