मिर्ज़ापुर
कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन की व्यवस्था नदारद
मिर्जापुर। मड़िहान तहसील क्षेत्र में हफ्तों से जारी कड़ाके की ठंड ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। क्षेत्रवासी दिनभर आसमान की ओर टकटकी लगाए सूर्यदेव के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन धूप के न निकलने से ठंड और अधिक बढ़ती जा रही है। इस भीषण ठंड के कारण कई लोग बीमार हो रहे हैं और ठंड के चलते एक-दो लोगों की जान जाने की भी आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन द्वारा ठंड से राहत के लिए अलाव की व्यवस्था करने का वादा तो किया गया था, लेकिन मड़िहान बाजार, चट्टी और चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय पहल बनी राहत का सहारा
प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए मड़िहान बाजार के स्थानीय निवासियों ने स्वयं पहल करते हुए अपने खर्च पर अलाव की व्यवस्था की। गंगाराम मौर्य, नरेश मोदनवाल, कन्हैया, विनोद यादव और आकाश चौरसिया जैसे समाजसेवियों के प्रयास से बाजार में अलाव जलाए गए, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को ठंड से राहत मिली।
मड़िहान के अलावा जमुई, कलवारी, सुगापांख, पचोखरा और भावा जैसे क्षेत्रों में भी ठंड का कहर जारी है। तहसील कार्यालय के सामने भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को दिनचर्या के कामकाज छोड़कर गर्म स्थानों की तलाश में भटकना पड़ रहा है।
बाजारवासियों की इस पहल से क्षेत्र में ठंड से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिली है। जनमानस प्रशासन से उम्मीद छोड़ अब निजी स्तर पर ठंड से निपटने के प्रयास कर रहा है। यह दिखाता है कि जब प्रशासन विफल हो, तो समाज के लोग मिलकर बड़ी समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं।
