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सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप
नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह उनके आंदोलन को अनदेखा कर रही है और पूर्व में किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। वांगचुक, जो लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग कर रहे हैं, ने अब दिल्ली के लद्दाख भवन के सामने अनशन शुरू कर दिया है।
उन्होंने शुक्रवार, 4 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर अनशन की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें और लद्दाख के 150 अन्य लोगों को सिंधु बॉर्डर पर हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें राजघाट ले जाकर रिहा किया गया, जहां उन्हें सरकार के नेताओं से मुलाकात का आश्वासन दिया गया था। वांगचुक का कहना है कि इन आश्वासनों के बावजूद, उन्हें किसी नेता से मिलने का अवसर नहीं दिया गया।
वांगचुक ने बताया कि उन्होंने शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के लिए कई स्थानों पर अनुमति मांगी, लेकिन कहीं भी स्वीकृति नहीं मिली। अंततः उन्हें लद्दाख भवन के सामने अनशन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वे लंबे समय से लद्दाख के अधिकारों और छठी अनुसूची के तहत स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं, ताकि लद्दाख के लोगों के हितों की रक्षा की जा सके और उनके अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।
