वाराणसी
किसी भी महामारी से निपटने को काशी इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर तैयार
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
क्षेत्रीय महामारी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय सम्मेलन 2023 का समापन
आखिरी दिन डीजी हेल्थ व यूएससीडीसी, एनसीडीसी, डबल्यूएचओ इंडिया टीम ने किया क्षेत्रीय भ्रमण
एफ़ईटीपी आईकॉन- 2023
• आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बड़ागांव के सीएचओ, एएनएम और आशा के कार्यों को सराहा
• नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गोइठहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शून्य सीवेज निर्वहन में निभा रहा अहम भूमिका
• विभिन्न पैनल डिस्कशन, ओरल सत्रों के विजेता चिकित्सकों, एपिडेमोलाजिस्ट और वैज्ञानिकों को किया सम्मानित
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी स्मार्ट सिटी के काशी इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर (केआईसीसीसी) ने कोविड-19 महामारी के सर्विलान्स और मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड व अन्य विभागों ने मिलकर कोविड को पूरी तरह से नियंत्रित करने और जनमानस को महामारी से उबारने में अहम योगदान दिया है। दूसरी ओर आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बड़ागांव सामुदायिक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान रहा है। यहाँ तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम और आशा कार्यकर्ता समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ा रहीं हैं। इसके अलावा नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत चिरईगांव के गोइठहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और गंदे नालों से आ रहे पानी, मलमूत्र आदि को विभिन्न प्रक्रियाओं से गंदगी को स्वच्छ कर गंगा नदी में साफ पानी गिराने में अहम भूमिका निभा रहा है।
इन समस्त कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए क्षेत्रीय महामारी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम (एफ़ईटीपी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2023 के तहत शुक्रवार को स्वास्थ्य महानिदेशक व एनसीडीसी निदेशक डॉ अतुल गोयल सहित यूएस सीडीसी, एनसीडीसी, डब्ल्यूएचओ इंडिया, आईसीएमआर-एनआईई और यूपी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने आखिरी दिन जनपद के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। टीम ने सबसे पहले काशी इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर (केआईसीसीसी) का भ्रमण किया। इस दौरान केआईसीसीसी के आईटी हेड अनुराग सिंह, जिला सलाहकार (स्वास्थ्य) डॉ सौरभ प्रताप सिंह, एनसीडीसी इंडिया की डॉ ज़री अंजुम, वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (वीएसईएल) के आईटी मैनेजर राहुल तिवारी और पब्लिक हेल्थ ऑफिसर डॉ शिशिर ने टीम को कोविड महामारी में केआईसीसीसी के समस्त कार्यों, व्यवस्थाओं, सुविधाओं, सर्विलान्स, मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने कंटेनमेंट, क्वारंटीन ज़ोन, सैंपलिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और ट्रैकिंग के बारे में जानकारी ली। आईटी हेड अनुराग ने बताया कि जब यह सेंटर शुरू किया गया था तो नहीं पता था कि आगे चलकर कोविड महामारी में बेहद कारगर साबित होगा। केआईसीसीसी के जरिये पूरे जनपद में कोविड महामारी के सभी पहलुओं पर 24 घंटे नजर रखी गई। इसके लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सहित कॉलिंग टीम, आरआरटी टीम, कांटैक्ट ट्रेसिंग टीम, नगर निगम टीम, पुलिस, फूड सप्लाई टीम ने जी जान से काम किया। इसके साथ ही कोविड हेल्प डेस्क, स्टेटिक बूथ, मेडिकल मोबाइल यूनिट ने जनमानस की पूरी मदद की। यूनिसेफ, आईएमए आदि संस्थाओं सहित मीडिया ने महती भूमिका निभाई। इसकी सफलता को देखते हुये प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन से केआईसीसीसी मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों के साथ विभिन्न प्रान्तों में भी लागू किया गया। इस कार्य के लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड को इंडिया स्मार्ट सिटी अवार्ड की चार कैटगरी से सम्मानित भी किया गया। उन्होने बताया कि केआईसीसीसी कोविड के अलावा अन्य महामारी से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
डीजी हेल्थ डॉ अतुल गोयल व टीम ने आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बड़ागांव का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसएस कनौजिया ने सेंटर पर प्रदान की जा रही समस्त स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। टीम ने ओपीडी में प्रदान की जा रही प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था महिलाओं की पहचान व चिन्हीकरण, आयरन सुक्रोज़, परिवार कल्याण कार्यक्रम में बास्केट ऑफ च्वाइस , टेली कंसल्टेंसी, योगा वेलनेस सेंटर अन्य सेवाओं व परामर्श के साथ जांच लैब, दवा काउंटर आदि सुविधाओं की सम्पूर्ण जानकारी ली। सीएचओ अशोक कुमार और एएनएम सुमन लता ने बताया कि केंद्र पर प्रसव सहित अन्य सभी सेवाएं पूर्ण रूप से व्यवस्थित हैं । मरीज को किसी तरह की परेशानी न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है। टीम ने समस्त निरीक्षण के बाद सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के कार्य को सराहा और भविष्य में इसी तरह की सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बड़ागांव पीएचसी के प्रभारी डॉ मनोज सहित अन्य अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी व जपाईगो से भरत मौजूद रहे।
इसके साथ ही अन्य टीम ने चिरईगांव ब्लॉक के गोइठहा स्थित नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2019 में तैयार किए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि यह प्लांट देशभर के लिए एक मॉडल की तरह से कार्य कर रहा है। इस प्लांट का उद्देश्य पवित्र नदी गंगा को गंदे पानी से बचाना और सुरक्षा प्रदान करना है। इसके साथ ही शून्य सीवेज का निर्वहन करना है। टीम ने जाना कि कैसे जनपद वाराणसी सहित आसपास के जिलों की औद्योगिक इकाइयों और गंदे नालों से आ रहे पानी को एक जगह एकत्रित कर उसमें मौजूद रोगजनक सूक्ष्म बैक्टीरिया, अधिक मात्रा में कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों को दूर कर पानी को साफ बनाता है। इसके साथ ही उस साफ पानी को गंगा नदी में पहुंचाता है। टीम ने प्लांट की तीनों प्रक्रियाओं क्रमशः फिजिकल ट्रीटमेंट, बायोलोजिकल ट्रीटमेंट और केमिकल ट्रीटमेंट के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इस दौरान एल एंड टी के प्रोग्राम मैनेजर ऋग भट्टाचार्य, जल निगम के एसके रंजन, तकिश बालियान व नीरज सिंह ने टीम को समस्त सुविधाओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम के समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रीय एपिडेमोलोजिस्ट, चिकित्सकों ने जमीनी स्तर के अनुभवों को साझा किया। इसके बाद पिछले दो दिनों में हुये विभिन्न पैनल डिस्कशन और ओरल सत्रों में महामारी आउटब्रेक सर्विलान्स के अध्ययन के विजेता चिकित्सकों, एपिडेमोलोजिस्ट और वैज्ञानिकों को स्वास्थ्य महानिदेशक व एनसीडीसी निदेशक डॉ अतुल गोयल, सीडीसी कंट्री हेड डॉ मेघना देसाई, डब्ल्यूएचओ इंडिया के डॉ ट्रेन मिन्ह और एपिडेमोलोजी विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ तांजिन डिकिड ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अंत में डॉ अतुल गोयल ने समस्त क्षेत्रीय एपिडेमोलोजिस्ट को तीन दिवसीय प्रशिक्षण में आउटब्रेक के लिए लर्निंग, मैनेजमेंट, सर्विलान्स, मॉनिटरिंग और फीडबैक बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ तांजिन डिकिड ने समस्त प्रतिभागियों को धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। इस दौरान एनसीडीसी के प्रधान सलाहकार डॉ सुजीत कुमार सिंह, एनसीवीबीडी की निदेशक डॉ तनु जैन, अपर निदेशक डॉ आरती बहल, संयुक्त निदेशक डॉ रमेश चंद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भारत सरकार डॉ एके यादव, डॉ ज़री अंजुम, अवनेन्द्र द्विवेदी, प्रतीक कुमार सिंह सहित यूएस सीडीसी, एनसीडीसी और डबल्यूएचओ इंडिया के समस्त अधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
