गोरखपुर
एमएमएमयूटी में दो नए एम. फार्म पाठ्यक्रम शुरू करने की मिली अनुमति
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी. फार्म) पाठ्यक्रम में प्रवेश क्षमता को 60 सीटों से बढ़ाकर 100 सीटों तक करने की मंजूरी प्रदान की है। साथ ही, विश्वविद्यालय को दो नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिली है—मास्टर ऑफ फार्मेसी (एम. फार्म) फार्मास्यूटिक्स में 15 सीटों के साथ तथा एम. फार्म फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में 15 सीटों के साथ।
यह मंजूरी दिसंबर 2025 में पीसीआई की निरीक्षण टीम द्वारा विश्वविद्यालय परिसर का दौरा करने के बाद दी गई है। टीम ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, प्रयोगशाला सुविधाओं, संकाय की संख्या, अनुसंधान क्षमताओं तथा नियामक मानकों के अनुपालन की विस्तृत जांच की। जांच के सकारात्मक परिणामों के आधार पर पीसीआई ने विश्वविद्यालय की फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को मान्यता प्रदान की है।
इस विस्तार एवं नए पाठ्यक्रमों की शुरूआत से एमएमएमयूटी का उद्देश्य फार्मासिस्ट एवं शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा तथा फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सार्थक योगदान दिया जा सके। विश्वविद्यालय फार्मास्युटिकल विज्ञानों में नवाचार, अनुसंधान उत्कृष्टता तथा उद्योग-उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
माननीय कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने इस उपलब्धि पर संपूर्ण संकाय, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह मंजूरी विश्वविद्यालय समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है, जो उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने तथा फार्मेसी के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। यह कदम न केवल छात्रों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश एवं पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण फार्मास्युटिकल पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।”
एमएमएमयूटी पहले से ही बी. फार्म पाठ्यक्रम चला रहा है तथा अब इस विस्तार के साथ फार्मेसी शिक्षा में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकेगा। नए एम. फार्म पाठ्यक्रम विशेष रूप से फार्मास्यूटिक्स एवं फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करेंगे, जो दवा विकास, निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
