गोरखपुर
शीश महल दरगाह में अकीदत के साथ मनाया गया उर्स
शीश अली शाह बाबा ने दिया मेल-मिलाप के साथ रहने का पैगाम : सज्जाद अली रहमानी
गोरखपुर। हजरत सैयद गाजी मोमिन शीश अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का रिवायती सालाना उर्स जाफरा बाजार स्थित शीश महल दरगाह में व्यवस्थापक सज्जाद अली रहमानी की सरपरस्ती में बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। शीश महल दरगाह में बाबा शीश अली शाह के मजार शरीफ पर चादर व गागर का चढ़ावा भेंट किया गया। उसके बाद नातिया कलाम पेश करने के साथ ही सलातो-सलाम का नजरान-ए- अकीदत पेश किया गया।
उर्स के अवसर पर शीश महल दरगाह के व्यवस्थापक और गद्दीनशीन सज्जाद अली रहमानी ने कहा कि हजरत सैयद गाजी मोमिन शीश अली शाह रहमतुल्लाह अलैह के उर्स मुबारक में उनके सारे अनुयाई एकत्रित होकर उनके बताए मार्ग चलने का मार्ग प्रशस्त किया। उनके संदेशों का अनुसरण कर समाज में रह रहे लोगों के लिए सकारात्मक सोच और इंसानियत को महत्वपूर्ण रूप देकर मेल-मिलाप के साथ रहने का पैगाम दिया।
उन्होंने कहा कि हजरत शीश अली शाह ने दुनिया भर में मानवीय मूल्यों को स्थापित करने और अपनों में रहकर मानव जीवन को बेहतर बनाने का संदेश देकर अमन व शांति के साथ रहने की सीख दी। रहमानी ने कहा कि उर्स के मौके पर सारे धर्मावलंबियों के लोग एक साथ मिलकर एकता और भाईचारे की मिसाल कायम करते हैं। ऐसे में सभी को एक साथ मिलकर अपने बुजुर्गों के पैगामों को मंज़रे आम करने की आवश्यकता है। तभी हम सब विकसित भारत की परिकल्पना कर सकते हैं।
उर्स के अंत में सलाम और कुल शरीफ पढ़ा गया और देश की उन्नति की दुआएं मांगी गयी। तत्पश्चात तबर्रुख (प्रसाद) का वितरण किया गया। उर्स के मौके पर मुख्य रूप से अब्दुल रहमान, राजकुमार, बसंत चौधरी, मुर्तजा हुसैन रहमानी, शकील अहमद अंसारी, रामजीत, असरार आलम, मुहम्मद रजा लड्डन खान, प्रवीण कुमार अग्रवाल, मुहम्मद युनूस अंसारी, याकूब, सकीला बानों, अभिमन्यु सोनकर, जुल्फिकार अली, कमरूजमा खान आदि लोग मौजूद रहे।
