गोरखपुर
ऑपरेशन रक्षा : थाना AHT टीम ने दो लावारिस नाबालिग बालकों को किया रेस्क्यू
गोरखपुर। जनपद गोरखपुर में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की टीम ने “ऑपरेशन रक्षा” अभियान के तहत एक सराहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है।
गुरुवार को थाना AHT की टीम ने अभियान के दौरान दो लावारिस नाबालिग बालकों को सकुशल रेस्क्यू किया। दोनों बच्चे बिना किसी अभिभावक के संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए थे। प्राथमिक पूछताछ में बच्चों द्वारा अपने परिजनों के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा सकी, जिससे उनके मानव तस्करी या शोषण का शिकार होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस टीम ने संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा और उनकी आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “ऑपरेशन रक्षा” का मुख्य उद्देश्य नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और अन्य अपराधों से बचाना है। अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संदिग्ध इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
थाना AHT की इस कार्रवाई को बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं कोई नाबालिग बच्चा लावारिस या संकट की स्थिति में दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।
गोरखपुर पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग—नाबालिग बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती
