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वाराणसी

संत कबीर महाराज का दो दिवसीय महापरिनिर्वाण दिवस का शुभारंभ

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वाराणसी (जयदेश)। प्राचीन संत कबीर प्रकट स्थल लहरतारा में बुधवार को संत कबीर महाराज के 508वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सद्गुरु कबीर साहब के मूल ग्रंथ बीजक का अखंड पाठ आरंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सद्भावना, भाईचारा और मानव कल्याण की भावना को सुदृढ़ करना रहा। आयोजकों ने कहा कि कबीर साहब की वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त वैमनस्य दूर हो, एक-दूसरे के प्रति सद्भाव जागृत हो और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ शांति की स्थापना हो, जिससे देश निरंतर विकास के मार्ग पर अग्रसर हो सके।

कार्यक्रम के दौरान राम नाम और सद्गुरु कबीर साहब के नाम का स्मरण करते हुए हवन के साथ पाठ किया गया। इस अवसर पर यह भावना व्यक्त की गई कि भगवान अग्नि के माध्यम से सभी के दुख-दर्द का नाश करें। अखंड पाठ के उपरांत बाहर से पधारे भक्तजनों को महंत गोविंद दास शास्त्री ने संबोधित किया।

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उन्होंने कहा कि परमात्मा तभी मानव के भीतर विराजमान होते हैं जब वह सत्य के मार्ग पर चलता है। उन्होंने कबीर साहब की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य से बड़ा कोई तप नहीं और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं है, तथा जिसके हृदय में सत्य का वास होता है, उसी के हृदय में परमात्मा निवास करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि मनुष्य सत्य के मार्ग पर चलता है तो परमात्मा स्वयं उसके हृदय में विराजमान रहते हैं। कार्यक्रम में दिनेश दास, दयाल दास, त्रिलोकी दास, नीलेश दास, धरम दास, साहेब दास सहित अन्य श्रद्धालु एवं प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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