गाजीपुर
महेश्वरी फर्नीचर खुटभार खजनी में धूमधाम से हुआ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन
गोरखपुर। जनपद के खजनी तहसील क्षेत्र के खुटभार कस्बे स्थित महेश्वरी फर्नीचर प्रतिष्ठान में मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के बीच भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में प्रतिष्ठान परिवार के साथ क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और वातावरण भक्ति की भावना से सराबोर हो उठा।महेश्वरी फर्नीचर की परंपरा लगभग पाँच दशकों से निरंतर आगे बढ़ रही है।
इस प्रतिष्ठान की नींव स्व. सुभाष चन्द्र विश्वकर्मा ने अपने पैतृक गांव संग्रामपुर उनवल से खुटभार आकर रखी थी। सहज और ईमानदार व्यक्तित्व वाले सुभाष चन्द्र विश्वकर्मा एक सफल उद्यमी होने के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक जीवन में भी प्रेरणादायक रहे।
उनके दिखाए मार्ग पर आज उनके पुत्र गुड्डू विश्वकर्मा, अरविंद विश्वकर्मा और विपुल विश्वकर्मा समर्पण के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
स्थापना काल से ही इस प्रतिष्ठान में प्रतिवर्ष विश्वकर्मा पूजा बड़े आयोजन के रूप में होती रही है। इसी परंपरा के तहत इस बार भी हवन, पूजन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
वक्ताओं ने भगवान विश्वकर्मा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वे सृष्टि के प्रथम शिल्पकार और निर्माण कला के देवता माने जाते हैं, जिन्होंने देवताओं के लिए दिव्य महल, रथ और अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया। आज भी उनके आदर्श पर चलकर शिल्पकार और श्रमिक राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं।
पूजन कार्यक्रम में प्रतिष्ठान परिवार के साथ सभी सहयोगियों और मित्रों ने तन-मन-धन से सहयोग किया। आयोजन ने न सिर्फ आस्था और श्रद्धा को बल दिया, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया।पूजा उपरांत एक सांगीतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं।
ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की मधुर ध्वनियों से माहौल भक्ति रस में डूब गया और श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।उपस्थित लोगों ने महेश्वरी फर्नीचर परिवार की इस परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिश्रम और सृजनशीलता की संस्कृति को जीवित रखने का प्रतीक है।
अंत में प्रसाद वितरण हुआ और सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।इस प्रकार खुटभार खजनी स्थित महेश्वरी फर्नीचर प्रतिष्ठान में विश्वकर्मा पूजा का भव्य आयोजन सफलता के साथ सम्पन्न हुआ।
