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गाजीपुर

स्कूल समायोजन फैसले से हड़कंप, अभिभावक और शिक्षक चिंतित

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गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पांच हजार प्राइमरी स्कूलों को समायोजित करने के फैसले ने उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। सरकार का तर्क है कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या और शिक्षक का अनुपात कम है, उन्हें अधिक संख्या वाले स्कूलों में समायोजित कर दिया जाएगा और कम संख्या वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। इसी कड़ी में जयदेश दैनिक समाचार संवाददाता पीयूष सिंह मयंक ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटघरा खादीमान का दौरा किया।

विद्यालय में हेडमास्टर अंबिका सिंह यादव, सहायक अध्यापक विंध्याचल चौहान, सरोज देवी और उमाकांत जामवंत मौजूद थे। हेडमास्टर अंबिका सिंह यादव ने बताया कि इस समय विद्यालय में सिर्फ 25 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय को गलत नहीं कहा जा सकता, लेकिन यदि स्कूल बंद हुआ तो दूसरे गांव के स्कूल दूर होने के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़ सकते हैं।

यह विद्यालय 1999 में बना था, जिसमें दिवंगत प्रधान जनार्दन सिंह की अहम भूमिका रही। भूमि आवंटन से लेकर निर्माण तक के लिए उन्होंने लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा। सहायक अध्यापक विंध्याचल चौहान ने बताया कि सत्र शुरू होते ही छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। वहीं, हेडमास्टर अंबिका सिंह यादव ने कहा कि विद्यालय को समायोजन से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी होगा।

सूत्रों की मानें तो पहले इस विद्यालय में पढ़ाई और छात्रों की संख्या पर विशेष ध्यान दिया जाता था लेकिन लापरवाही के चलते स्थिति बिगड़ी। वहीं, आसपास के महमूदपुर पाली प्राइमरी स्कूल पर भी समायोजन की तलवार लटक रही है। गांव वालों का मानना है कि समायोजन रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की जाएगी। उधर समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। पार्टी पदाधिकारी कह रहे हैं कि योगी सरकार गरीब बच्चों को पढ़ाई से वंचित करने का काम कर रही है।

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