गाजीपुर
सेवानिवृत्त शिक्षकों को दी गई भावभीनी विदाई
शिक्षा जगत को समर्पित जीवन के लिए किया गया सम्मानित
सादात (गाजीपुर)। शिक्षा क्षेत्र सादात अंतर्गत पचरुखवा स्थित कम्पोजिट विद्यालय में मंगलवार को एक गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह अवसर विद्यालय से सेवानिवृत्त हो रहे तीन सम्मानित शिक्षकों ओमप्रकाश राम, नन्दलाल सिंह और जनार्दन सिंह की विदाई के लिए समर्पित था। समारोह में विद्यालय परिवार समेत क्षेत्र के अनेक शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई और अपने-अपने अंदाज़ में विदाई के क्षणों को स्मरणीय बनाया।

समारोह के मुख्य अतिथि इंटर कॉलेज मिर्जापुर के प्रधानाचार्य जगदीश सिंह रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा, “शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वह अपने सेवा काल में बच्चों को शिक्षा देता है, और सेवानिवृत्ति के बाद समाज को अनुभव के आधार पर नई दिशा देने का कार्य करता है।” उन्होंने तीनों शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदा स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त शिक्षक वंशराज यादव ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं और शिक्षक राष्ट्र के प्रहरी। शिक्षक का कार्य सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता है और उन्हें संस्कार देता है।”

इस आयोजन में विद्यालय के वर्तमान शिक्षक व कर्मचारीगण के साथ-साथ क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित जन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उमेश सिंह, दिवाकर सिंह, विश्वासमणि सिंह, राम अवतार यादव, सुरजीत सिंह, संजय कश्यप, प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय शंकर सिंह, आशीष पाण्डेय, सूर्यप्रताप, संजय सिंह, प्रदीप सिंह, रामदरश प्रसाद, अमित सिंह, रमाशंकर सिंह, वकील अहमद, सुनील यादव, बबीता, अन्नू सिंह, आशीष और दिनेश सहित अनेक लोगों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया। अंत में शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई के इस अवसर पर भावुकता और गर्व का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
