Connect with us

गोरखपुर

हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत, बिना डिग्री इलाज कर रहा संचालक गिरफ्तार

Published

on

Loading...
Loading...

गोरखपुर। जेके हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत के मामले में गुलरिहा पुलिस ने अस्पताल संचालक जावेद खान को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि जावेद खान के पास डॉक्टर बनने की कोई वैध डिग्री नहीं थी, इसके बावजूद वह अस्पताल का संचालन करते हुए मरीजों का इलाज कर रहा था। पुलिस ने पूछताछ पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से बुधवार को जेल भेज दिया गया। आरोप है कि प्रसव से पहले महिला को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर आरोपित महिला को वाहन से मेडिकल कॉलेज के गेट पर छोड़कर मौके से फरार हो गया।

महिला के पति की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में पहले से लगी गैर इरादतन हत्या की धारा के साथ अब जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और अपंजीकृत व्यक्ति द्वारा चिकित्सा प्रैक्टिस करने से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। पुलिस अन्य नामजद और फरार आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।

मृतका रीतू, परसौना निवासी रामचंद्र की 24 वर्षीय पुत्री थी। उसकी शादी महराजगंज जिले के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के लखिमा गांव निवासी सुनील से हुई थी। रीतू गर्भवती थी और प्रसव के लिए मायके में रह रही थी। तीन जनवरी की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू होने पर स्वजन उसे तरकुलहा चौराहे के पास स्थित जेके हॉस्पिटल ले गए। महिला के पति सुनील का आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों ने प्रसव के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने जमा कर दिया।

राशि जमा करने के बावजूद दोपहर के समय रीतू की हालत बिगड़ने लगी। मृतका की छोटी बहन विमला के अनुसार अस्पताल संचालकों की लापरवाही के कारण उसकी बहन की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल संचालक बिना किसी को जानकारी दिए अपनी कार से रीतू को मेडिकल कॉलेज ले गए और गेट पर छोड़कर भाग निकले।

मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने जांच के बाद रीतू को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्वजन शव को लेकर दोबारा जेके हॉस्पिटल पहुंचे, जहां अस्पताल तो खुला मिला, लेकिन न तो संचालक मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी। इससे आक्रोशित स्वजन शाम साढ़े पांच बजे से शव रखकर अस्पताल संचालक और कर्मचारियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

Advertisement

सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्वजन को शांत कराया। इसके बाद पति सुनील की तहरीर पर कथित डॉक्टर जावेद खान, उसके भाई इम्तियाज, एक महिला डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह के अनुसार, आयुष विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी ने जंगल माघी नहर के पास से जावेद खान को गिरफ्तार किया। पूछताछ और जांच में उसके पास किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय डिग्री नहीं पाई गई। वह फर्जी तरीके से इलाज कर रहा था। फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है और उसके भाई सहित अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page