पूर्वांचल
हाईवेः50 लाख का प्रोजेक्ट फेल,बाढ़ की चपेट में दक्षिणी लेन
भदोही। वाराणसी-प्रयागराज मुख्य हाईवे पर गत माह ही परवान चढ़ी लगभग 50 लाख की कार्य योजना हल्की बारिश ने फेल कर दिया। कार्य योजना फेल होने का दुष्परिणाम जब-जब हल्की और छिटपुट बारिश होती है तब-तब पैदल, बाइक, आटो, टैक्सी, माल वाहन चालक मुख्य दक्षिणी लेन के साथ सर्विसलेन पर अवैतनिक बाढ़ के रूप में झेलते हैं। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार की ओर लक्षित सिक्स लेन योजना में वाराणसी-प्रयागराज फोरलेन को सिक्सलेन में हाईवे प्राधिकरण ने ही हंडिया-राजातालाब खंड 78 किमी तक 2400 करोड़ खर्च कर किया है। गोपीगंज स्थित गिराई पावर हाउस का चार किमी परिक्षेत्र उत्तरी-दक्षिणी छोर तकनीशियनों की तनिक लापरवाही से जलमग्न रहता है। बात यहीं तक सीमित हो तो ठीक चार किमी के परिक्षेत्र में उत्तरी-दक्षिणी छोर स्थिति रिहायशी घर-मकान, असंवैधानिक तरीके से आबाद हो रही कालोनियों का गंदा पानी भी उसी हाईवे नाला में छोड़ दिया जाता है जो नाला मात्र हाईवे पर एकत्र होने वाले बरसाती पानी निकालने के लिए बना है। बीते दिनों मामला सुर्खियों में आने पर ही जिला प्रशासन ने हाईवे प्राधिकरण की क्लास लेकर वैकल्पिक व्यवस्था का निर्देश दिया था। प्राधिकरण का मानना है कि गत माह लगभग 50 लाख की कार्य योजना बनाकर हिलोरे लेने वाले गंदे पानी को निकालने की व्यवस्था की है। अचानक तेज बारिश होने पर उक्त समस्या सामने होती है जो एक-दो घंटे बाद समाप्त हो जाती है।
