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हाईकोर्ट से मुख्य आरोपी आसिम की जमानत खारिज : कमलेश तिवारी हत्याकांड
प्रयागराज। कमलेश तिवारी ने साल 2015 में पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी की थी। इसके बाद मुफ्ती नईम काजमी व इमाम मौलाना अनवारूल हक ने अलग-अलग फतवा जारी कर कहा था कि, जो कोई भी कमलेश तिवारी की हत्या करेगा उसे 51 लाख रुपए से लेकर डेढ़ करोड़ तक इनाम मिलेगा। शुरू में कमलेश तिवारी को उनकी टिप्पणी के लिए जेल भेजा गया, लेकिन इससे कट्टरपंथी शांत नहीं हुए, उन्होंने कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में मुख्य आरोपी आसिम की याचिका को खारिज कर दिया है।आसिम की याचिका को खारिज करने वाला आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सौरभ श्याम शमसेरी की सिंगल बेंच ने दिया। इस मामले में साल 2019 में लखनऊ के नाका हिंडोला थाने में केस दर्ज हुआ था जिसके बाद कमलेश तिवारी के हत्यारे गिरफ्तार किए गए थे।

अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अधीनस्थ अदालत (प्रयागराज की अदालत) को आदेश दिया कि, वह इस मामले में ट्रायल को पूरा करें। अदालत के अनुसार अगर एक साल में ट्रायल पूरा नहीं होता तो याची हाईकोर्ट आ सकता है। अभी तक इस मामले के 35 गवाहों में से 7 गवाहों का परीक्षण किया गया है। कोर्ट ने जल्द से जल्द ट्रायल पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
