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वाराणसी

हनुमान जयंती पर काशी की सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, झांकियों ने बढ़ाया आकर्षण

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वाराणसी। हनुमान जयंती के अवसर पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। काशी में निकली भव्य हनुमान ध्वजा यात्रा ने आस्था और आकर्षण के नए आयाम स्थापित किए। करीब 5.25 किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में एक लाख से अधिक छोटे-बड़े ध्वज लहराते दिखाई दिए, जबकि 1100 गदाधारी श्रद्धालु डमरू की धुन पर आगे बढ़ते रहे। 60 फीट ऊंचे रथ पर भगवान श्रीराम की सजीव झांकी सजाई गई, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

यात्रा में लगभग 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिनमें 15 हजार महिलाएं शामिल रहीं। राजस्थान समेत सात राज्यों से आई झांकियों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। कई कलाकारों ने नरमुंड की माला धारण कर तांडव नृत्य प्रस्तुत किया और राख की होली खेली। कुछ कलाकारों ने मुंह से आग के गोले निकालते हुए करतब दिखाए, जबकि कई श्रद्धालु हनुमान और भगवान शिव के वेश में यात्रा का हिस्सा बने। संकट मोचन मंदिर में इस अवसर पर 2500 किलो लड्डू का भोग अर्पित किया गया।

इधर अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां मंदिर के बाहर करीब एक किलोमीटर लंबी कतार देखी गई। भक्त ‘जय बजरंगबली’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष करते नजर आए। वहीं प्रयागराज में लेटे हनुमानजी का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसके बाद दर्शन के लिए लंबी कतार लग गई।

प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों पर रामचरितमानस और सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया गया। जगह-जगह भंडारे चलाए गए, शोभायात्राएं निकाली गईं और प्रसाद वितरण किया गया। डीजे पर बजते भजनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते दिखाई दिए, जिससे पूरे प्रदेश में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

ध्वजा यात्रा के दौरान कलाकारों ने विविध प्रस्तुतियों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नरमुंड की माला पहनकर तांडव, राख की होली, त्रिशूल के साथ करतब और आग के प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहे। यात्रा में हनुमान के वेश में एक भक्त गदा और माला के साथ शामिल हुआ, जबकि रथ पर भगवान शिव की झांकी भी निकाली गई। गुजरात से आए कलाकारों ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया और भारी भीड़ उनके प्रदर्शन को कैमरे में कैद करती नजर आई। यात्रा की शुरुआत सौ से अधिक डमरुओं की गूंज के साथ हुई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

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इस बीच वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने डीआईजी शिवहरी मीणा संकट मोचन मंदिर पहुंचे। वहीं प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही और भजन-कीर्तन का आयोजन जारी रहा।

संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विश्वंभर नाथ मिश्रा ने बताया कि हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर में 11 अप्रैल तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु ध्वज लेकर पहुंचते हैं और पूरे दिन प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहता है।

इसके अलावा काशी विश्वनाथ स्थित हनुमान मंदिर में विशेष श्रृंगार के तहत पवन पुत्र को चांदी का मुकुट पहनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु महादेव के साथ हनुमान जी के दर्शन-पूजन करते नजर आए।

हनुमान जयंती के अवसर पर काशी पहुंचीं अभिनेत्री निम्रत कौर ने संकट मोचन मंदिर में दर्शन किया और इसे अपने लिए विशेष अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस पावन दिन काशी में उपस्थित रहना उनके लिए सुखद क्षण है।

पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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