वाराणसी
हनुमान जन्मोत्सव पर मूंछ वाले हनुमान जी का हुआ भव्य श्रृंगार, विशाल भंडारे का आयोजन
मूंछ वाले हनुमान जी का ऐतिहासिक महत्व
चौकाघाट (वाराणसी)। हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर चौकाघाट स्थित प्रसिद्ध मूंछ वाले हनुमान मंदिर में भव्य श्रृंगार और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस भंडारे का आयोजन मनीष चौबे, पुत्र पंडित सतीश चौबे, ने किया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी अवीमुक्तानंद गिरी और साध्वी मुक्तेश्वरी गिरी (जूना अखाड़ा) द्वारा हनुमान जी की विशेष आरती और श्रृंगार संपन्न हुआ।
मूंछ वाले हनुमान जी का ऐतिहासिक महत्व

माना जाता है कि यह मंदिर ब्रिटिश शासन के दौरान स्थापित हुआ था। एक अंग्रेज अधिकारी हेलरी ने रामलीला के दौरान चौकाघाट में भ्रमण करते हुए सदानंद पांडे जी से सनातन धर्म की भक्ति का प्रमाण मांगा। सदानंद पांडे जी ने जय श्रीराम का जयकारा लगाते हुए वरुणा नदी को पार किया और वहीं अपना देह त्याग दिया। उनकी इस अद्भुत भक्ति को श्रद्धांजलि स्वरूप, उनके सम्मान में मूंछ वाली हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की गई।
जूना अखाड़ा और भक्तगण मंदिर को और भव्य रूप देने की दिशा में प्रयासरत हैं। भविष्य में माँ जगदंबा, बाबा भोलेनाथ, और राम दरबार के मंदिरों को एक परिसर में स्थापित करने की योजना है।

भंडारे में प्रमुख सहयोगी
भंडारे में प्रसाद वितरण और आयोजन में प्रमुख रूप से देवेंद्र उपाध्याय, अभय दुबे, नीरज चौबे, सोमनाथ विश्वकर्मा, राजीव यादव, सुनील कश्यप, देवांश चौबे, रजनीश कनौजिया, शिव शंकर पटेल, विनीत चौबे, ध्रुव देवनारायण दुबे, पंकज यादव आदि ने सहयोग किया। हनुमान जी की कृपा सभी भक्तों पर सदैव बनी रहे, ऐसी कामना सभी श्रद्धालुओं ने की।
