वाराणसी
सास-बेटा-बहू सम्मेलन में हुई सीमित व खुशहाल परिवार की बात
• काशी विद्यापीठ के भट्टी, महमूदपुर सहित अन्य स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर हुआ सम्मेलन
• संवाद के जरिये प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति पुरानी सोच को बदलने का रहा प्रयास
वाराणसी: परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से सास-बेटा-बहू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सीएचसी मिसिरपुर (काशी विद्यापीठ) के भट्टी, महमूदपुर, नयपुरकला, भिटी, डाफ़ी व पंडितपुर स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर सास-बेटा-बहु सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान सीमित परिवार की अहमियत के साथ सुरक्षित व संस्थागत प्रसव, गर्भवती व बच्चों के टीकाकरण आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ) विनोद सिंह ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य सास- बेटा -बहू के बीच समन्वय और संवाद के जरिए परिवार नियोजन को लेकर एक अच्छा माहौल तैयार करना है जिससे प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति पुरानी सोच में बदलाव लाया जा सके। सम्मेलन में परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों जैसे अंतरा, छाया, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, कंडोम आदि और स्थायी साधन जैसे पुरुष व महिला नसबंदी सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि महिला नसबंदी की तुलना में पुरुष नसबंदी एक सरल व आसान प्रक्रिया है इसके लिए पुरुषों को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुये आगे आना चाहिए। सीमित परिवार के लिए विवाह के बाद पहले बच्चे के लिए दो साल का समयान्तराल रखना चाहिए। वहीं पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए। इसके लिए सास अपनी बहू-बेटों को प्रेरित करें जिससे एक स्वस्थ व खुशहाल परिवार की कल्पना की जा सके। इसके अलावा गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच के लिए पंजीकरण और कम से कम चार एएनसी जांच, टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका, आयरन फॉलिक एसिड की गोली, सुरक्षित व संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आधारबद्ध जन्म पंजीकरण आदि के बारे में भी बताया गया।
उन्होने बताया कि हर सम्मेलन में लगभग 50 से 60 लोगों ने प्रतिभाग किया जिसमें सास-बेटा-बहू शामिल रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा किये। सास ने स्वीकारा कि पहले के समय में अधिक बच्चे होने पर जच्चा-बच्चा दोनों के जीवित रहने का खतरा होता था लेकिन अब वह अपने बेटा-बहू को परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगी। वहीं पुरुषों ने स्वीकारा कि सीमित परिवार के लिए वह अपनी भागीदारी व ज़िम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन करेंगे। पूर्व में हुईं गल्तियों को नहीं दोहराएंगे। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हर सम्मेलन में दो-दो जोड़ों को विजेता घोषित कर उपहार दिये गए। इस दौरान भट्टी ग्राम प्रधान बेबी सिंह प्रतिनिधि परमानंद सिंह, महमूदपुर ग्राम प्रधान तरन्नुम ने भी सीमित परिवार के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में एएनएम, आशा कार्यकर्ता व यूनिसेफ की पूजा के अलावा अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
इन्सेट –
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति समुदाय को जागरूक करने के लिए जनपद के सभी ब्लॉक के विभिन्न आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर सास-बेटा-बहू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
