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सरकारी भूमि पर बने अवैध मजार पर चला प्रशासन का बुलडोजर
देवरिया। जिले में रविवार को प्रशासन ने अवैध मजार को लेकर बड़ी कार्रवाई की। नगर पालिका, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर मजार के कई हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मुख्य गेट, बाउंड्री, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद को तोड़ा गया। इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस बल की सतर्कता के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।
प्रशासन के अनुसार यह मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी सरकारी भूमि पर बनी हुई थी। वर्ष 2019 में इस निर्माण को लेकर पहली बार शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद मामले की जांच हुई और संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों का कहना है कि मजार के पक्ष से न तो वैध मानचित्र प्रस्तुत किया गया और न ही यह स्पष्ट किया जा सका कि यह निर्माण कब और किस अनुमति से किया गया था।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका की टीम, छह थानों की पुलिस और करीब 300 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। पहले पूरे परिसर को खाली कराया गया और फिर चारों ओर से घेराबंदी की गई। इसके बाद बुलडोजर की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
ध्वस्तीकरण के समय मजार के खादिम ने बताया कि उन्हें सामान हटाने के लिए बहुत कम समय दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे मजबूर हैं और प्रशासन के आदेशों का पालन कर रहे हैं। वहीं, मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी जमा हो गए थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भीड़ को आगे बढ़ने से रोक दिया।
करीब छह घंटे चली इस कार्रवाई में सबसे पहले गुंबद को गिराया गया, जिसके बाद अन्य संरचनाओं को तोड़ा गया। प्रशासन ने बताया कि फिलहाल कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है और सोमवार को दोबारा अभियान चलाया जाएगा। अगले चरण में बेसमेंट की छत और हॉल को ध्वस्त किया जाएगा।
इस दौरान इलाके की कई सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा। फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति बनी रही और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों को भी बंद कराया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। एसडीएम कोर्ट ने पहले ही इस भूमि को बंजर और सरकारी घोषित कर दिया था। इसके बाद अंतिम नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वहीं, स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने प्रशासन के कदम का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है और पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
