गोरखपुर
समाज और राष्ट्र की एकजुटता से ही विश्व गुरु बनेगा भारत : राजेश त्रिपाठी
गोलाबाजार (गोरखपुर)। गोला उपनगर स्थित एमसीए पब्लिक स्कूल परिसर में स्वामी विवेकानंद के 163 वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय युवा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि जब परिवार, समाज और देश एकजुट रहेगा, तभी दुनिया भारत को सलाम करेगी। युवाओं को फिल्मी दुनिया के बनावटी नायकों के बजाय स्वामी विवेकानंद जैसे युगद्रष्टा को अपना रियल हीरो बनाना चाहिए।
आगे विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के महान विचारक थे। उन्होंने शिकागो धर्म संसद का प्रसंग साझा करते हुए कहा कि संन्यासी वेश के कारण प्रारंभ में स्वामी जी की अवहेलना की गई और उन्हें शून्य जैसे विषय पर बोलने को कहा गया, लेकिन उसी “शून्य” को उन्होंने अपने विचारों से विश्व के लिए सार्थक बना दिया। स्वामी जी ने अपने उद्बोधन से भारत की आत्मा, सहिष्णुता और मानवता का संदेश विश्व पटल पर स्थापित किया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक मुख्य सेवक प्रदीप सिंह एवं मुख्य सेविका रत्ना सिंह को स्वामी विवेकानंद के जन्म दिन पर युवा महोत्सव आयोजित करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यदि इस मंच से एक भी युवा स्वामी विवेकानंद की असाधारण क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति को समझ ले, तो यह आयोजन अपने वास्तविक उद्देश्य में सफल होगा।
कार्यक्रम की शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि विधायक राजेश त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल त्रिपाठी के द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति, लोक-संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी गईं।
युवा महोत्सव के दौरान विज्ञान प्रदर्शनी एवं पुस्तक मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने नवाचार, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता से जुड़े अपने मॉडल व विचार प्रस्तुत किए। पुस्तक मेले में ज्ञानवर्धक, प्रेरणास्पद एवं साहित्यिक पुस्तकों की विविध श्रृंखला उपलब्ध रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनी और पुस्तक मेले की विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आमजन ने सराहना की। मुख्य सेवक प्रदीप सिंह ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, बौद्धिक विकास और राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करना है।
इस महोत्सव में आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी, शत्रुघ्न कसौधन, मायाशंकर शुक्ल राम सिद्ध दुबे,, दिनेश सिंह, सच्चिदानंद राय, फूलचंद तिवारी, रामप्रताप राय, डाॅ राजेश, शशिभूषण राय, शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहें।
