गोरखपुर
वृंदावन की मधुर स्मृतियों में डूबा कनैला, कृष्ण चरित्र ने जगाई भक्ति की अलख
गोरखपुर/महराजगंज। ग्राम कनैला, पोस्ट मौलागंज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर भक्ति, प्रेम और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित सुभाष चन्द्र महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य चरित्र एवं वृंदावन की पावन लीलाओं का ऐसा जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया कि पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया।
कथा के दौरान महाराज जी ने श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की निष्कलंक चंचलता, माखन चोरी की लीलाओं, कालिया नाग दमन, गोवर्धन धारण तथा गोपियों के साथ उनके अलौकिक प्रेम का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण का चरित्र केवल एक देव कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए एक पूर्ण मार्गदर्शक है। उनका प्रत्येक कार्य धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और प्रेम की स्थापना का संदेश देता है।
महाराज जी ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं हमें सिखाती हैं कि जीवन में सरलता और आनंद का कितना महत्व है, वहीं गोपियों के साथ उनका प्रेम हमें निष्काम भक्ति का आदर्श प्रस्तुत करता है। श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन त्याग, करुणा, नीति और प्रेम का अनुपम संगम है, जो हर युग में मानवता को दिशा देता है।
कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु बार-बार भाव-विभोर हो उठे। “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। संकीर्तन के साथ पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं वृंदावन की झलक कनैला में उतर आई हो।
इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान जयप्रकाश मिश्र एवं उनकी धर्मपत्नी विद्यावती देवी श्रद्धा और समर्पण भाव से इस कथा का आयोजन करा रहे हैं। वहीं स्वागताकांक्षी विपिन मिश्र, मनीष मिश्र एवं पिंटू मिश्र द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत एवं व्यवस्था में सराहनीय योगदान दिया जा रहा है।
कथा स्थल पर दूर-दराज से आए श्रद्धालु निरंतर पहुंच रहे हैं और भागवत कथा के अमृत का रसपान कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और धर्म की भावना को भी सशक्त कर रहा है।
