वाराणसी
विशेष सचिव नगर विकास विभाग, उ0प्र0 शासन/ नोडल अधिकारी ने नगर निगम के कार्यो का किया निरीक्षण
वाराणसी। नगर विकास विभाग से सम्बन्धित वाराणसी में चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण करने हेतु शासन द्वारा नामित आई0एस0एस0 अधिकारी राजेन्द्र पैंसिया, विशेष सचिव, नगर विकास विभाग, उ0प्र0 शासन / नोडल अधिकारी के द्वारा वाराणसी में क्रियान्वित एवं संचालित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
भेलूपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट- महाप्रबन्धक, जलकल विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 1964 में 250 एम0एल0डी0 क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट बनाया गया था, जिसके द्वारा वाराणसी के सिस वरूणा क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती है। योजना पुरानी होने तथा उपकरणों/सिविल स्ट्रक्चर के आयु पूर्ण हो जाने तथा भदैनी इनटेक वेल के पम्प के ठीक से कार्य न करने के कारण प्लान्ट से लगभग आधी क्षमता 110 एम0एल0डी0 पर ही जलापूर्ति हो पा रही है। पूर्ण क्षमता पर चलाये जाने हेतु अमृत योजना के अन्तर्गत अब तक 58 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका हैं, अवशेष कार्य दिसम्बर 2023 तक पूर्ण किये जाने की सम्भावना है। योजना को पूर्ण हो जाने के पश्चात भेलूपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट अपनी पूर्ण क्षमता 250 एम0एल0डी0 पर संचालित हो जायेगा। प्लान्ट में पालिमर डोजिंग के लिए सयंत्र अधिष्ठापित है, जिसके द्वारा राॅ-वाटर के अशुद्धियो को दूर कर पानी फिल्टर करके क्लोरिनेशन के बाद शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाती हैं। शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु क्लोरिन की डोजिंग कराई जा रही है तथा फील्ड में कार्मिक को भेजकर इसकी नियमित ओ0टी0 जाॅच भी कराई जा रही है। पेयजल की गुणत्ता हेतु संवेदनशील क्षेत्रो से सैम्पल एकत्र करके जीवाणु जाॅच हेतु लखनऊ को भेजे जाते हैं। जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कार्मिक तैनात है जो कहीं भी लीकेज की समस्या या अन्य समस्या का समाधान कराते है। इसके अतिरिक्त अमृत योजनान्तर्गत 2 मेगावाट के सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना जल निगम द्वारा की गयी है। जिसका लोकार्पण 24 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है। सोलर पावर प्लान्ट के बन जाने से भेलूपुर में लगभग 16-17 लाख प्रतिमाह विद्युत की बचत होगी।
वाराणसी नगर के 250 एम0एल0डी0 डब्लू0टी0पी0 भेलूपुर 2 मेगावाट क्षमता के ग्रीड कनेक्टेड सोलर पावर प्लाण्ट के निर्माण कार्य- अमृत योजनान्तर्गत भेलूपुर जलकल कैम्पस में 2 मेगावाट सोलर पावर प्लान्ट के अधिष्ठापन का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा प्रधानमंत्री द्वारा 24 मार्च को लोकार्पित किया जा चुका है। योजना से पूर्ण क्षमता पर विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है। योजना के निर्माण के फलस्वरूप जलकल के विद्युत बीजक में लगभग 16-17 लाख प्रतिमाह की बचत होगी तथा 6-7 वर्षो में योजना के लागत की पूर्ति हो जायेगी।
वाराणसी नगर के सिस वरूणा क्षेत्र में वाटर सप्लाई स्कीम प्रायरिटी-1 के सृदृढीकरण के कार्य- अमृत योजनान्तर्गत पूर्व निर्मित भेलूपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि भेलूपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट की क्षमता 250 एम0एल0डी0 है, परन्तु प्लान्ट के अनेक अवयवों की आयु पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप प्लान्ट अपनी आधी क्षमता पर संचालित हो रहा है। योजना में प्लान्ट के अवयवों को ठीक कर 250 एम0एल0डी0 क्षमता पर संचालित कराने हेतु कार्य कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान रात्रि में भी कार्य प्रगति पर पाया गया। निर्देश दिये गये कि योजना के कार्यो को निर्धारित समयान्तर्गत पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाये। रोड कटिंग के दौरान मलवा इत्यादि को तुरन्त हटा दिया जाये, जिससे जनता को परेशानी न हो। पाइप लाइन बिछाने के बाद यथाशीघ्र सड़क के पुर्नस्थापना का कार्य करा दिया जाये।
राजेन्द्र पैंसिया द्वारा बड़ालालपुर क्षेत्र में टी0एफ0सी0 के पास मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे इन्टरलाकिंग के कार्य का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि कार्य की गुणवत्ता काफी खराब है, वहाॅ पर घटिया स्तर र्के इंट लगाये जा रहे थे, साथ ही टी0एफ0सी0 के सामने पार्क में जो झूले लगाये गये हैं वे काफी खराब के स्तर के पाये गये। इस पर नगर निगम के अधिशासी अभियन्ता एवं क्षेत्रीय अवर अभियन्ता के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। उसके पश्चात नोडल अधिकारी द्वारा प्रंधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत डूडा विभाग के द्वारा कराये जा रहे 3 आवासों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कार्य संतोषजनक पाया गया। राजेन्द्र पैंसिया द्वारा छितौनी स्थित कान्हा गौशाला का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होने कान्हा उपवन को माडल गौशाला की तरफ बनाने का निर्देश दिया गया। वाराणसी स्मार्ट सिटी द्वारा बनायी गयी गौशाला की बनावट को सुधार करने, गौशाला में वाल पेंटिंग कराने, हरा चारा उगाने, गौशाला कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने तथा परिस में सरोवर बनाने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय सुमित कुमार, अपर नगर आयुक्त, महाप्रबधन्क जलकल रघुवेन्द्र्र कुमार, पशुचिकित्साधिकारी डा0 अजय प्रताप सिंह, परियोजना प्रबन्धक, उ0प्र0 जल निगम आदि अधिकारी उपस्थित थे।
