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वाराणसी

विकसित कृषि संकल्प अभियान में IIVR की ऐतिहासिक भागीदारी

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11 दिनों में 44 हजार किसानों से सीधा संवाद, 36% महिला सहभागिता

वाराणसी। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में संचालित ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025’ के अंतर्गत भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी ने बीते 11 दिनों (29 मई से 8 जून) के दौरान उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान में IIVR के 50 से अधिक वैज्ञानिकों की 18 विशेषज्ञ टीमों ने कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, संत रविदास नगर और कुशीनगर जिलों में 44,000 से अधिक किसानों से प्रत्यक्ष संवाद किया।

प्रत्येक दिन औसतन 4,400 किसानों तक पहुँच बना कर यह अभियान कृषि विस्तार के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। अभियान की एक विशेष उपलब्धि रही 36 प्रतिशत महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की कृषि में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

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65 गांवों में 54 कार्यक्रम प्रतिदिन
15 से अधिक ब्लॉकों के 65 से अधिक गांवों में प्रतिदिन 54 किसान संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें धान की सीधी बुआई (DSR), IIVR की उन्नत किस्में, एकीकृत कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, नैनो उर्वरक, संरक्षित खेती, किचन गार्डनिंग, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और ड्रोन तकनीक जैसे विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के साथ समन्वय
अभियान के तहत जैविक कीट नियंत्रण को बढ़ावा देते हुए रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए गए। यह पहल राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

प्रमुख चुनौतियाँ और समाधान की रणनीति
डॉ. कुमार के अनुसार, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा, जल संकट, सफेद मक्खी व जैसिड जैसे कीट, बाजार पहुंच की सीमाएं, गुणवत्तापूर्ण बीज की देर से आपूर्ति, और सरकारी योजनाओं की जानकारी की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं। इनका समाधान करते हुए अल्पकालिक योजना में फेरोमोन ट्रैप, जैविक कीटनाशक, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक जिले में किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन की दिशा में कार्य शुरू हो चुका है।

मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य भी निर्धारित
मध्यकालिक योजना में सभी छह जिलों में क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र, मोबाइल मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना और 1000 से अधिक किसानों को कृषि उद्यमी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं दीर्घकालिक प्रयासों में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग समूह, 10,000+ युवाओं के लिए रोजगार सृजन, और कार्बन-तटस्थ कृषि की ओर अग्रसर होने की प्रतिबद्धता दिखाई गई है।

कृषि मंत्री की दृष्टि के अनुरूप अभियान
यह अभियान किसान आय दोगुनी करने, टिकाऊ व जलवायु लचीली कृषि, महिला सशक्तिकरण, और तकनीक हस्तांतरण के कृषि मंत्रालय के विजन के अनुरूप है। IIVR द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल किसानों को सशक्त कर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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