अपराध
वाराणसी में बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 32. 5 लाख की ठगी
ठगों ने 200 अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए
वाराणसी में साइबर अपराधियों ने एक 67 वर्षीय महिला को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 32.5 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने महिला को पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल कर धमकाया और फर्जी एफआईआर भी भेजी। महिला ने डर के मारे अपराधियों को सारी जानकारी दे दी।
जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर को महिला को एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई जिसमें एक शख्स पुलिस की वर्दी में था। उसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि महिला के नाम से एक कूरियर सिंगापुर गया है जिसमें नशीले पदार्थ मिले हैं। इस मामले में महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
डर के मारे महिला ने अपराधियों को अपने बैंक खाते की सारी जानकारी दे दी और उनके बताए अनुसार पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगों ने महिला के पैसे यस बैंक की तिनसुकिया शाखा में ट्रांसफर कराए और वहां से 200 अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कैसे बचें ऐसे ठगी से ?
(1) कभी भी किसी अज्ञात नंबर से आने वाले कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें।
(2) पुलिस और बैंक कभी भी फोन पर किसी से पैसे नहीं मांगती है।
(3) अगर आपको कोई संदिग्ध वीडियो या वॉइस कॉल आए तो तुरंत पुलिस या अपने परिजनों से संपर्क करें।
(4) अपने बैंक खाते की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
(5) फोन से बात करते समय हमेशा अपना इंटरनेट बंद रखे।
(6) कभी भी किसी को फोन पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी साझा ना करें। थर्ड पार्टी आपकी बात सुन सकती है।
(7) किसी भी अनजान सोर्स से आए हुए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें।
(8) कोई भी थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड ना करें, किसी भी अन-ऑफिशियल प्लेटफॉर्म से कुछ इन्सटॉल ना करें।
डिजिटल अरेस्ट का शिकार होने पर क्या करें ?
अगर कोई आपको पुलिस या सीबीआइ अधिकारी बनकर डिजिटल तौर पर गिरफ्तार करने की धमकी देता है, तो सबसे पहले आपको अपने परिवार के सदस्यों या दोस्तों को सूचित करना चाहिए। तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर इसकी शिकायत करानी चाहिए, इस बात से नहीं डरना चाहिए कि पुलिस आपके खिलाफ कोई एक्शन लेगी।
