वाराणसी
वाराणसी में बढ़ रहा साइबर धोखाधड़ी का ग्राफ
लंका, भेलूपुर और कैंट इलाके अधिक प्रभावित
वाराणसी के लंका, भेलूपुर और कैंट इलाके में साइबर जालसाजों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं, जहां लोगों को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग, ओटीपी धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में अधिक शिकार बनाया जा रहा है। इन तीनों क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के मामलों में इजाफा हुआ है और अब तक 23 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की जा चुकी है।
हालांकि पुलिस ने 3.5 करोड़ रुपये तक की रिकवरी की है, और कई सामान जैसे मोबाइल, लैपटॉप, और अन्य संपत्तियां जब्त की गई हैं।
साइबर क्राइम थाने में इस साल जनवरी से 15 नवंबर तक 117 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें लंका क्षेत्र से 21 केस, भेलूपुर से 19 केस और कैंट से 12 केस दर्ज हुए हैं।
अन्य क्षेत्रों से भी मामले सामने आए हैं जैसे मंडुवाडीह, शिवपुर, सिगरा और रोहनिया। साइबर जालसाजों की गिरफ्तारी में पुलिस ने 63 आरोपियों को पकड़ा और करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है जिसमें चार पहिया वाहन, बाइक और मोबाइल शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार शेयर निवेश, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी धोखाधड़ी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। साइबर जालसाज अक्सर बंपर ऑफर, तगड़े मुनाफे और जल्दी पैसा कमाने के लालच में लोगों को अपनी जाल में फंसा लेते हैं।
ऐसे मामलों से बचने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है और अगर कोई आपको डराए या लालच दे तो उसकी बातों पर विश्वास न करें।ग्रामीण क्षेत्रों जैसे रोहनिया और बड़ागांव में भी साइबर जालसाज सक्रिय हैं जहां हर माह दो से तीन मामले सामने आ रहे हैं।
अगर आप साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें और अपना नुकसान कम करने की कोशिश करें।
