वाराणसी
वाराणसी में जुटेंगे उत्तर और दक्षिण भारत के 20 हजार संत
वाराणसी। गंगा तट पर एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उत्तर और दक्षिण भारत के करीब 20 हजार संतों के एकत्र होने की संभावना है। श्री विशाखा शारदा पीठम की ओर से आयोजित यह तीन दिवसीय आयोजन, 3 से 5 नवंबर तक वाराणसी के चेत सिंह किला परिसर में संपन्न होगा। इस समागम का उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृति तथा आध्यात्मिक परंपराओं को एकजुट करना है।
महारूद्र और शतचंडी यज्ञ का भव्य आयोजन
विशाखा शारदा पीठम के उत्तराधिकारी स्वामी स्वात्मानेन्द्र सरस्वती ने जानकारी दी कि इस पीठ की स्थापना श्री आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं के प्रसार हेतु की गई थी। इस बार के समागम में महारूद्र और शतचंडी यज्ञ के साथ अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। पहले दिन 5000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना है, जबकि अगले दो दिनों में यह संख्या 20 हजार तक पहुंचने का अनुमान है।
धार्मिक अनुष्ठान और गंगा में दीपदान
आंध्र आश्रम के प्रबंधक बीवी सुंदर शास्त्री ने बताया कि रविवार से शुरू होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में स्नान, विश्वनाथ मानस दीक्षा धारण, नवग्रह होम, चारों वेदों का जाप, संपूर्ण कृष्ण यजुर्वेद हवन, श्रीमद् सुंदरकांड पाठ सहित अन्य धार्मिक क्रियाएं शामिल होंगी। अंतिम दिन गंगा में दीपदान, काशी विद्वत सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
वाराणसी में एकता की अलख
इस समागम में उत्तर और दक्षिण के संतों का मिलन काशी की आध्यात्मिक परंपरा को सशक्त बनाने का कार्य करेगा। वाराणसी के गंगा घाट पर उत्तर और दक्षिण के संतों के बीच विचारों का आदान-प्रदान और एकता पर चर्चा समागम का मुख्य आकर्षण होगी।
