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वर्दी पर एक बार फिर लगा दाग

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अदालत के आदेश पर थानाध्यक्ष समेत 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

आजमगढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आजमगढ़, सत्यवीर सिंह के आदेश के एक महीने बाद अहरौला पुलिस ने 27 अक्टूबर को तत्कालीन थानाध्यक्ष पवई संजय कुमार और 15 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। यह मामला 7 मार्च 2020 को गीता देवी के पति इंद्रजीत यादव के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित है। गीता देवी ने कोर्ट में बताया कि उनके पति फुलवरिया बाजार में एक बीयर की दुकान पर सेल्समैन का काम करते थे। पवई पुलिस ने इंद्रजीत से अवैध रूप से धन की मांग की जिसे उसने देने से मना कर दिया।

इस पर पुलिस ने 7 मार्च की रात को गीता देवी के घर पर पहुंचकर धमकी दी और उन्हें स्कॉर्पियो की चाभी मांगी। विरोध करने पर पुलिस ने घर में घुसकर सामान, जिसमें 1,20,000 रुपये और आभूषण शामिल थे लूट लिया और परिजनों के साथ मारपीट की।

इंद्रजीत और उनके साथी संचित यादव को पुलिस ने अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया।इस घटना की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते सभी गतिविधियां ठप हो गईं।

बाद में 4 जून 2020 को इंद्रजीत और संचित को हाईकोर्ट से जमानत मिली। स्कॉर्पियो को अवमुक्त करने के लिए कोर्ट ने 26 जून 2020 को रिपोर्ट मांगी, लेकिन पवई थानाध्यक्ष संजय कुमार ने गाड़ी लौटाने से इनकार कर दिया।

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कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके बाद गीता देवी ने अक्टूबर 2020 में कोर्ट में याचिका दायर की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 26 सितंबर 2024 को पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। जब इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गीता देवी ने कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की। इसके फलस्वरूप अहरौला पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज किया है।

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