वाराणसी
राष्ट्रवादी चिंतक मंच द्वारा माता बारी मंदिर विजयानगर कोनिया वाराणसी में पौधरोपण कार्यक्रम संपन्न
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
Varanasi: शिव प्रकाश मौर्या पूर्व पार्षद कोनिया विजयनगर और चंद्र भूषण, राघवेंद्र, रविशंकर के नेतृत्व में राष्ट्रवादी चिंतक मंच वाराणसी पौधरोपण/गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित की गई अमृता देवी पर विषय प्रस्तुत करते हुए कृष्णमोहन जी (प्रांत संयोजक) ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण जिसके अंतर्गत मिट्टी, पानी, हवा, ध्वनि प्रदूषण आता है आज चारों अत्यधिक प्रदूषित हो चुके हैं कहीं की मिट्टी को खोदिए शुद्ध मिट्टी नहीं मिलेगी कहीं का जल लीजिए शुद्ध नहीं मिलेगा, हवा कहीं शुद्ध नहीं मिलेगा और कहीं शांति नहीं मिलेगी अर्थात शोर-शराबा का माहौल है ।। ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी आग का गोला बनता जा रहा है, पानी जहरीला होता जा रहा है। हवा में ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा अत्यधिक है ऐसी स्थिति में संपूर्ण मानव जाति को ग्लोबल वार्मिंग की मार झेलनी पड़ रही है दूषित जल प्रयोग सब की मजबूरी है मिट्टी जहरीली होने के कारण कोई भी खाद्य पदार्थ शुद्ध नहीं रह गए हैं। ध्वनि प्रदूषण के कारण कहीं भी शांति और सुकून का वातावरण नहीं है ऐसी स्थिति में अमृता देवी का स्मरण और उनके कार्यों का अनुसरण हम सबको इस विश्वव्यापी जटिल समस्या से मुक्ति दिलाएगा अमृता देवी ने जिनकी आयु मात्र 42 वर्ष थी 1730 में हरे पेड़ों को बचाने के लिए अपने सहित अपने तीन पुत्रियों जिनकी आयु 8 ,10 और 12 वर्ष की अपने सिर को कटवा दिया था और उनका अनुसरण करते हुए 363 लोग बलिदान हुए थे हरे पेड़ों को बचाने के लिए जिसमें 71 नारी शक्तियां थी विश्व पर्यावरण के इतिहास में इतना बड़ा बलिदान आज तक नहीं हुआ है यह संपूर्ण नारी जगत ही नहीं तो मानव जाति के लिए गौरव की बात है कि हमारे पूर्वजों ने हमारे भलाई के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। क्रोना के दूसरे लहर में सबसे अधिक ऑक्सीजन के लिए ही हाहाकार मचा हुआ था ऑक्सीजन हमें पेड़ों से ही मिलते हैं जो पृथ्वी पर न्यूनतम से भी न्यूनतम स्थिति में है पर्यावरण प्रदूषण रूपी विश्वव्यापी जटिल समस्या से मुक्ति पृथ्वी पर हरियाली बढ़ाने से ही मिलेगी इसलिए कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि रूप में उपस्थित कृष्ण मोहन जी ने लोगों से आग्रह किया कि जितना भी हो सके हमें पृथ्वी पर हरियाली को बढ़ाने के लिए पेड़ों की सुरक्षा का मुकम्मल प्रबंध करने के बाद अधिक से अधिक रोपण करने के साथ-साथ उनकी 3 वर्ष तक देखभाल करने पर भी जोर दिया है पूर्व पार्षद शिव प्रकाश मौर्या ने कहा कि हमारे बिना पेड़ तो जीवित रह लेंगे लेकिन पेड़ के बिना हम जीवित नहीं रह पाएंगे इसलिए पेड़ों को लगाने के साथ-साथ उनकी चिंता भी करनी होगी । कुमार चौबे ने आगे कहा कि नारी ने सदैव अपने कार्य और बलिदान से समाज ,देश और मानवता को आलोकित किया है अमृता देवी ने 1730 अपने प्राणों का बलिदान देकर के मानव जाति को बचाने का पवित्र कार्य किया था कार्यक्रम का शुभारंभ, विश्व शांति के लिए वैदिक मंत्रोचार, के साथ ही प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति अर्थात पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अनेक बंधुओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि इस पार को हरा भरा बनाने के लिए व्यापक प्रयत्न किया जाएगा।
