वाराणसी
यूपी कॉलेज : परिसर में भगवा झंडा लेकर पहुंचे सैकड़ो छात्र, मस्जिद हटाने की मांग पर अड़े
छात्रों ने कहा – यदि नमाज पढ़ी गयी तो हम सब पढ़ेंगे हनुमान चालीसा
वाराणसी। यूपी कॉलेज परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को जुमे के दिन करीब 500 से अधिक छात्र भगवा झंडा लेकर कॉलेज पहुंचे और मस्जिद हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जबरन परिसर में घुसने की कोशिश की जिससे उनकी पुलिस से झड़प हो गई। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी लेकिन पुलिस ने उन्हें कैंपस में प्रवेश करने से रोक दिया। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।
छात्रों का कहना है कि कॉलेज परिसर से मस्जिद हटाई जाए। उनका दावा है कि यदि नमाज पढ़ी जाएगी तो वे हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस घटना के बाद कॉलेज के बाहर तनावपूर्ण माहौल है। सुरक्षा के मद्देनजर 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और आसपास की दुकानें बंद कर दी गई हैं।
इस विवाद की शुरुआत 2018 में वक्फ बोर्ड के एक नोटिस से हुई थी। इसमें कॉलेज की जमीन को वक्फ संपत्ति बताया गया था। हाल ही में यह लेटर वायरल होने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन तेज कर दिया। हालांकि, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि इस जमीन से उनका कोई संबंध नहीं है।

विवाद की प्रमुख घटनाएं –
25 नवंबर 2024 : यूपी कॉलेज के 115वें स्थापना दिवस समारोह में योगी सरकार ने कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का आश्वासन दिया।
26 नवंबर: वक्फ बोर्ड का 2015 का नोटिस वायरल हुआ, जिसमें कॉलेज को वक्फ संपत्ति बताया गया।
29 नवंबर: करीब 500 प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज में नमाज पढ़ने का विरोध किया।
2 दिसंबर: छात्रों ने वक्फ बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका।
3 दिसंबर: हनुमान चालीसा पाठ के दौरान पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने सात छात्रों को गिरफ्तार किया, जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
4 दिसंबर: वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया कि कॉलेज की जमीन पर उनका कोई दावा नहीं है।
5 दिसंबर: विरोध के चलते मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ी गई।
यूपी कॉलेज का इतिहास
यूपी कॉलेज, वाराणसी के भोजूबीर इलाके में 100 एकड़ में फैला है। 1909 में स्थापित यह महाविद्यालय खेलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्पोर्ट्स ग्राउंड से कई ओलंपियन निकले हैं।
