गोरखपुर
मोबाइल चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत दो गिरफ्तार
गोरखपुर। राजकीय रेलवे पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए उसके सरगना समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 81 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। यह गिरोह पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में मोबाइल चोरी कर उन्हें नेपाल में बेचने का काम करता था। इससे पहले इसी गिरोह के एक सदस्य को 54 मोबाइल फोन के साथ पकड़ा जा चुका है।
एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र ने मंगलवार दोपहर अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 23 दिसंबर 2025 को जीआरपी ने सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर पांच निवासी रितिक जायसवाल को रेलवे स्टेशन से 54 चोरी के मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई थी। पूछताछ के दौरान रितिक ने अपने दो अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी, जो पंजाब के अलग-अलग शहरों में मोबाइल चोरी कर उन्हें नेपाल में बेचते थे।
इसी सूचना के आधार पर जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम आरोपितों की तलाश में जुटी हुई थी। मंगलवार सुबह थाना प्रभारी अनुज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित भांप इंजन के पास से दो युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनकी पहचान जालंधर के डिवीजन चार स्थित सैडान निवासी संदीप आहुजा और संतकबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के हैसर बाजार निवासी पंकज सैनी के रूप में हुई।
आरोपितों के पास मौजूद बैग की तलाशी लेने पर चोरी के 81 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में संदीप आहुजा ने बताया कि वह इस गिरोह का सरगना है और पंजाब के साथ ही अन्य राज्यों में चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदकर उन्हें नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों पर बेच देता था। एसपी रेलवे ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान के लिए तकनीकी जांच कराई जा रही है।
