गाजीपुर
मनरेगा को समाप्त करने की साजिश का आरोप, कांग्रेस ने जताया विरोध
गाजीपुर। कांग्रेस पार्टी के मनरेगा जिला कोऑर्डिनेटर आनंद राय ने शनिवार को पार्टी के कैम्प कार्यालय, सकलेनाबाद (गाजीपुर) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की वर्तमान सरकार पर मनरेगा को कमजोर कर अंततः समाप्त करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया नया विधेयक “वीबीजी राम जी” मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आनंद राय ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, मजदूर, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए जीवनरेखा है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, पलायन पर रोक और न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती रही है। लेकिन वर्तमान सरकार लगातार बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी, तकनीकी बाधाओं और अब नए विधेयक के माध्यम से मनरेगा को निष्प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नया विधेयक मनरेगा की मूल भावना—काम का अधिकार—पर सीधा प्रहार है। इससे ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता समाप्त होगी, मजदूरों के अधिकार सीमित होंगे और ठेकेदारी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। आनंद राय ने कहा कि यदि यह विधेयक लागू हुआ तो ग्रामीण भारत में बेरोजगारी, भूख और पलायन की समस्या और गंभीर हो जाएगी।
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस जनविरोधी कदम का हर स्तर पर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस विधेयक को तत्काल वापस ले और मनरेगा को मजबूत करने के लिए पर्याप्त बजट, समयबद्ध भुगतान और मजदूरी दरों में वृद्धि सुनिश्चित करे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित कांग्रेस नेताओं में जिलाध्यक्ष सुनील राम,रविकान्त राय ,शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा,डा०जनक कुशवाहा,राजीव सिंह,चन्द्रिका सिंह,कमलेश्वर शर्मा और अजय दूबे ने एक स्वर में मनरेगा के पक्ष में आवाज उठाई और सरकार के फैसले को गरीब विरोधी बताया। अंत में आनंद राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब, मजदूर और किसान के हितों की रक्षा के लिए किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।
