अपराध
मदरसे में फर्जी नियुक्ति के मामले में पूर्व मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी। रसूलपूरा स्थित मदरसा दायरे तुल इस्लाह में फर्जी नियुक्ति के आरोपों के चलते पूर्व मैनेजर रिजवान अहमद पर केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिखा यादव की कोर्ट ने हसीन अहमद के आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। वर्तमान में मदरसे के सेक्रेटरी हसीन अहमद ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि पूर्व सेक्रेटरी रहे रिजवान अहमद ने पद से हटाए जाने के बाद भी तीन शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति की।
हसीन अहमद का आरोप है कि वर्ष 2019 में रिजवान अहमद पर 45 लाख रुपये के गबन के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी और बाद में उच्च न्यायालय से जमानत पर रिहा हुए थे। उस वक्त उन्हें सेक्रेटरी पद से हटा दिया गया था। हालाँकि बाद में एक चिटफंड द्वारा उनकी कमेटी बहाल की गई थी।
इस साल, 6 सितंबर 2023 को उप जिलाधिकारी सदर ने रिजवान की कमेटी को अवैध करार देते हुए नए चुनाव का आदेश दिया, जिसके बाद हसीन अहमद सेक्रेटरी चुने गए और 29 जनवरी 2024 को पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद हसीन ने मदरसे का रिकॉर्ड तलब किया तो खुलासा हुआ कि रिजवान अहमद ने दो शिक्षकों के हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर तीन नए शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति कर दी थी। अदालत ने अब जैतपुरा थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि वह मामले की उचित धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना करें।
