वाराणसी
भूख से बिलखते बच्चों के साथ महिलाएं पहुंचीं सर्किट हाउस, पुलिस ने रोका
सुरक्षा के नाम पर कारोबार बंद
वाराणसी। सड़क किनारे पटरी पर सामान बेचकर परिवार चलाने वाली महिलाओं ने जब भूख से तड़पते बच्चों को देखा, तो उनके सब्र का बांध टूट गया। वे अपनी समस्याओं को लेकर सर्किट हाउस पहुंच गईं। उनकी मांग थी कि प्रशासन उनकी रोजी-रोटी की समस्या का समाधान करे।
सिपाही ने रोका, कहा अधिकारी जा चुके हैं
सर्किट हाउस परिसर में दाखिल हुईं महिलाओं को सुरक्षा कर्मियों ने अंदर जाने से रोक दिया। महिलाओं को बताया गया कि मंत्री और अधिकारी 10 मिनट पहले ही जा चुके हैं। उन्हें सलाह दी गई कि अगले दिन जिलाधिकारी के पास जाकर अपनी समस्या रखें। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि वे पुलिस लाइन के पास पटरी पर सामान बेचती हैं, लेकिन अब पुलिस उन्हें वहां से भगा दे रही है। चार दिनों से कोई कमाई नहीं हुई। राशन खरीदने के पैसे नहीं हैं, जिससे घर में चूल्हा तक नहीं जल रहा।

“हम गुजराती, मेहनत करके खाते हैं”
प्रदर्शनकारी महिलाओं में ज्योति, काजल और सीमा ने कहा कि वे गुजरात से हैं और मेहनत से कमाए पैसे से पेट भरती हैं। उन्होंने कहा, “हमारे गांव के मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं, और उन्हीं के संसदीय क्षेत्र में हमारी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। हमें भीख मांगने पर मजबूर किया जा रहा है।”
तीन पीढ़ियों से काशी में, अब सड़क से बेदखल
लक्ष्मी और कलावती जैसी महिलाओं ने बताया कि वे पांडेयपुर के पास हाशिमपुर इलाके में तीन पीढ़ियों से रह रही हैं। लगभग 500 लोगों का समुदाय है, जो गुजरात से आकर यहां सड़क किनारे कपड़े, खिलौने और अन्य सामान बेचकर जीवनयापन करता है। लेकिन पुलिस उन्हें अब कारोबार से हटा रही है।
पुलिस लाइन का ग्राउंड, जहां समय-समय पर वीवीआईपी हेलीकॉप्टर उतरते हैं अब उसके बाउंड्री के बाहर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को सुरक्षा कारणों से पटरी खाली कराया जा रहा है। इसी के चलते पुलिस ने सड़क किनारे पटरी पर व्यापार करने वालों को वहां से हटा दिया है। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का हल निकालना चाहिए ताकि वे अपने बच्चों का पेट भर सकें।
