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वाराणसी

बिजलीकर्मियों का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू

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मांगें पूरी न होने पर पूर्वांचल में बड़ा आंदोलन संभव

वाराणसी । पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक कार्यालय पर गुरुवार से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू हो गया है। कर्मचारियों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर दो महीने पहले प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन न तो कोई संवाद हुआ और न ही कोई समाधान, जिससे आक्रोशित होकर आज बिजलीकर्मियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

स्थानांतरण आदेशों पर भी गहरा विरोध
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाल के स्थानांतरण आदेशों में उत्पीड़न और लेन-देन की गंध है। उन्होंने कहा कि ये आदेश मनमाने ढंग से और बिना कारण जारी किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष चरम पर है।

प्रबंधन के रवैये पर जताया विरोध
बिजलीकर्मियों ने आरोप लगाया कि जब वे शांतिपूर्ण सत्याग्रह के लिए विद्युत नगर पहुंचे, तो प्रबंधन ने मुख्य गेट बंद कर दिया, जबकि आंदोलन की पूर्व सूचना पहले ही दी जा चुकी थी। कर्मचारियों ने प्रशासन के आग्रह पर संयम रखा, लेकिन चेतावनी दी कि यदि तय समय पर गेट नहीं खोला गया, तो वे स्वतः निर्णय लेकर गेट खोलने को विवश होंगे।

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पूर्वांचल से आंदोलन में शामिल होंगे कर्मचारी
प्रारंभिक चरण में सीमित संख्या में कर्मचारियों को सत्याग्रह में शामिल किया गया है ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो पूर्वांचल के सभी जिलों से कर्मचारियों को आंदोलन में बुलाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रबंध निदेशक पर होगी।

निजीकरण के प्रयासों पर भी सवाल
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण को लेकर आरएफपी दस्तावेजों पर जल्दबाजी में निर्णय लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि नियामक आयोग पर निजी कंपनियों के प्रभाव में निर्णय थोपे जा सकते हैं।

सांस्कृतिक रंग में भी रंगा सत्याग्रह
कार्यक्रम में दीक्षा छात्र संघ के ध्रुव और ज्ञानप्रकाश ने अपनी प्रेरणात्मक कविताओं से सत्याग्रह को सांस्कृतिक रंग भी दिया, जिसे उपस्थितजनों ने सराहा।

सभा की अध्यक्षता ई. मायाशंकर तिवारी एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया।
सभा को ई. एस.के. सिंह, ई. विजय सिंह, ई. सियाराम यादव, वेदप्रकाश राय, मदन श्रीवास्तव, संतोष वर्मा, जिउतलाल, राघवेंद्र गोस्वामी, उमेश यादव, प्रशांत सिंह, उदयभान दुबे, रामजी भारद्वाज, रंजीत पटेल और अजित कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

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