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चन्दौली

बड़ी जीत की खुशी फीकी पड़ी जब India की जर्सी पर स्पॉन्सर की कमी नजर आई

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चंदौली। डैडीज इंटरनेशनल स्कूल बिशुनपुरा के संस्थापक डॉक्टर विनय प्रकाश तिवारी ने बताया कि भारत ने एशिया कप टी-20 में यूएई को जबरदस्त 9 विकेट से मात दी, लेकिन लोगों की नजरें ज़्यादा चमकी इस बात पर कि भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी का सामने का हिस्सा पूरी तरह खाली था। ऐसा पहली बार हुआ जब भारत बिना किसी टाइटल स्पॉन्सर वाली जर्सी में उतरी।

इसकी बड़ी वजह था Dream11 का रुपये 358 करोड़ का तीन साल का स्पॉन्सरशिप डील — जिसमें प्रति घरेलू मैच रुपये 3 करोड़ और प्रति विदेशी मैच रुपये 1 करोड़ फीस शामिल थी। यह समझौता 2023 में हुआ था, लेकिन 2025 में लागू हुई नई Online Gaming Act ने फैंटेसी और रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को स्पॉन्सरशिप से बाहर कर दिया। इस वजह से यह करार “mutual agreement” के तहत समाप्त होना पड़ा।

अब BCCI ने एक नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें नए स्पॉन्सर को रुपये 3.5 करोड़ प्रति मैच (bilateral) और रुपये 1.5 करोड़ (ICC/ACC मैच) देना होगा। अनुमान है कि इस नए चक्र में लगभग 130-140 मैच शामिल होंगे, जिससे BCCI को रुपये 400 करोड़ से भी अधिक राजस्व मिल सकता है। लेकिन अभी तक कोई नई कंपनी सामने नहीं आई, इसलिए एशिया कप में टीम इंडिया बिना स्पॉन्सर की जर्सी में मैदान पर उतरी।

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सांकेतिक चित्र

अब चर्चा यह भी है कि Tata Group, Reliance, Adani Group, बड़े FinTech कंपनियाँ, ऑटोमोबाइल और FMCG ब्रांड ऐसे संभावित स्पॉन्सर हो सकते हैं—मसलन Tata पहले से आईपीएल का टाइटल स्पॉन्सर है, Reliance Jio की ब्रांडिंग भी व्यापक है, और Adani Group अपनी खेल निवेश रणनीति के लिए जाना जाता है।

इस बीच, टीम की पारी ख़ास और यादगार रही, लेकिन जर्सी की खाली जगह ने क्रिकेट के अपने व्यावसायिक चमक को एक अलग ही कहानी बता दी है।

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