गाजीपुर
फॉर्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश, अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई
सैदपुर (गाजीपुर) जयदेश। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तहसील सैदपुर सभागार में फॉर्मर रजिस्ट्री एवं एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन को लेकर एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने की, जिसमें राजस्व विभाग के लेखपालों के साथ-साथ कोटेदार, ग्राम सभा सचिव, सहायक सचिव एवं जनसेवा केंद्र संचालकों ने सक्रिय भागीदारी की।
बैठक की शुरुआत में अधिकारियों द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया, इसके महत्व और सरकार की मंशा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि फॉर्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का एक समेकित डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं—जैसे सब्सिडी, बीमा, ऋण एवं अन्य लाभ—सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकें। इसके साथ ही एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन के जरिए कृषि क्षेत्र में डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उपस्थित सभी कार्मिकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अधिक से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें और इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें। उन्होंने कहा कि यह शासन की प्राथमिकता वाली योजना है, इसलिए इसमें तेजी लाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए और प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाए।
बैठक में तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की गई, जिसमें जनसेवा केंद्र संचालकों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी और आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में प्रशिक्षित किया गया। साथ ही लेखपालों और ग्राम स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें और उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित करें।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति इस कार्य में लापरवाही करता है या किसी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अंत में उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूर्ण करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।
