गोरखपुर
फूडकोर्ट के नाम पर एक करोड़ से अधिक की ठगी, महाराष्ट्र की अभियुक्ता गोरखपुर से गिरफ्तार
गोरखपुर। फूडकोर्ट खोलने के नाम पर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए 1,58,04,114 रुपये की धोखाधड़ी और गबन के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गोरखपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्ता की पहचान काजल निलेश कुमार दवे पुत्री निलेश कुमार दवे, निवासी गनपति मंदिर रोड, थाना नंदुरबार, जनपद नंदुरबार, राज्य महाराष्ट्र के रूप में हुई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण तथा थाना रामगढ़ताल प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने अभियुक्ता को गिरफ्तार किया।
मामला थाना रामगढ़ताल में पंजीकृत मु0अ0सं0 0846/2025 से संबंधित है, जिसमें बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) व 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने फूडकोर्ट स्थापित कराने का झांसा देकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए तथा आवेदक को विश्वास में लेकर उससे कुल 1 करोड़ 58 लाख 4 हजार 114 रुपये हड़प लिए। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो उसने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
प्राथमिक जांच में दस्तावेजों के फर्जी होने और आर्थिक लेन-देन में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले, जिसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भी तलाश कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक राम सिंह, कांस्टेबल अतुल रजक और महिला कांस्टेबल ममता चौधरी शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि अभियुक्ता के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस बड़ी कार्रवाई से फर्जी निवेश योजनाओं और दस्तावेजी धोखाधड़ी में लिप्त गिरोहों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निवेश या व्यावसायिक प्रस्ताव में धनराशि लगाने से पहले दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों की पूरी जांच अवश्य करें।
