गोरखपुर
फिजियोथेरेपी काउंसिल लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले आईएपी पदाधिकारी
गोरखपुर। द इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ फिजियोथेरेपिस्ट (आईएपी) गोरखपुर ब्रांच के पदाधिकारियों ने प्रदेश के लोकप्रिय एवं यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार मुलाकात कर फिजियोथेरेपी क्षेत्र से जुड़ी अहम समस्याओं और मांगों से अवगत कराया।
इस प्रतिनिधिमंडल में गोरखपुर ब्रांच के कन्वेयर डॉ. त्र्यंबक पांडेय, कोषाध्यक्ष एवं जिला अस्पताल गोरखपुर के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रविन्द्र ओझा तथा सचिव डॉ. दिनेश दूबे शामिल रहे। मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने फिजियोथेरेपी काउंसिल (एनसीएएचपी एक्ट) को जल्द से जल्द लागू किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस अधिनियम के लागू होने से केवल काउंसिल में पंजीकृत एवं योग्य फिजियोथेरेपिस्ट ही प्रैक्टिस कर सकेंगे, जिससे झोलाछाप एवं अवैध रूप से फिजियोथेरेपी करने वालों पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे न सिर्फ मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि फिजियोथेरेपी पेशे की गरिमा और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एनसीएएचपी एक्ट लागू होने के बाद प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर फिजियोथेरेपिस्ट की नियमित नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके परिणामस्वरूप दुर्घटना, पक्षाघात, हड्डी-जोड़ों की समस्याओं, खेल चोटों एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को उच्च स्तरीय और वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि फिजियोथेरेपी आज आधुनिक चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण अंग बन चुकी है और इसे संगठित व नियंत्रित रूप देने के लिए काउंसिल का गठन अत्यंत आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से इस दिशा में सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उचित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मुलाकात को फिजियोथेरेपी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
