वाराणसी
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सड़क पर उतर किशोरियों ने मांगा बराबरी का हक
कन्या भ्रूण हत्या, बलात्कार, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ रैली निकाल कर किशोरियों ने अपनी आवाज बुलंद की
वाराणसी। जनपद के राजा तालाब के महगांव गांव में आशा विश्वास ट्रस्ट, समता किशोरी युवा मंच और मनरेगा मजदूर यूनियन के संयुक्त प्रयास से बालिका महोत्सव का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में आराजी लाइन्स ब्लॉक के 20 गांवों से करीब 500 किशोरियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, बलात्कार, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ रैली निकाल कर अपनी आवाज बुलंद की।
रैली में लड़कियों ने “तिलक-दहेज छोड़ो, जाति-पांति तोड़ो,” “भीख नहीं, अधिकार चाहिए, जीने का सम्मान चाहिए,” “बाबा मुझे पढ़ने दो, पढ़ कर आगे बढ़ने दो” जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। यह रैली एस.आर.एस. डिग्री कॉलेज से शुरू होकर अम्बेडकर पार्क में समाप्त हुई। रैली का नेतृत्व पूजा गोंड ने किया, जबकि संचालन सपना और रेनू ने संभाला।

बालिका महोत्सव के दौरान आशा विश्वास ट्रस्ट द्वारा संचालित किशोरी सिलाई केंद्र और समता किशोरी युवा मंच से जुड़ी किशोरियों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गीत, नाटक, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के अधिकार, कानून और समाज की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. महेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि लड़कियों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने समाज की दोहरी मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध करने वाले को सज़ा मिलनी चाहिए ना कि लड़कियों को घर से बाहर निकलने से रोका जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन ये लड़कियां अपने सपनों को जरूर पूरा करेंगी।
विशिष्ट अतिथि जुहेब आजाद ने कहा कि अगर समाज को प्रगति करनी है, तो लड़कियों को समान अवसर देने होंगे। उन परिवारों और समाजों का तेजी से विकास हो रहा है, जहां लड़कियां पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं।

मनरेगा मजदूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से किशोरियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम उम्र में लड़कियों की शादी करने से उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। इसलिए, लड़कियों को भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राम दुलारी, कविता, प्रियंका, आरती, रेनू, पूजा, सपना, साधना, सिमरन, सरोजा, आराधना, पिंकी, काव्या, सौम्या, प्रीतम, लक्ष्मीना, संगम, सोनम, राधा, पूनम, प्रीति, रीता, मौसम, तारा, उर्मिला, लाडो, पुष्पा, काजल, मीना, शर्मीला, करिश्मा, राम सिंह, सोनी, सुशीला सहित कई अन्य उपस्थित रहे।
