वाराणसी
पान मसाला कारोबारी के घर और फैक्ट्री पर सीजीएसटी का छापा
क्या मिला छापेमारी में ?
वाराणसी। वाराणसी के चर्चित पान मसाला कारोबारी के आवास और फैक्ट्री समेत गुजरात-अहमदाबाद में सीजीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स) की टीम ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस दौरान छह करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। तीन दिनों तक चली इस कार्रवाई में टीम ने दस्तावेज, कच्ची बिल बुक, लैपटॉप और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर लिए।
कैसे हुई कार्रवाई?
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर मार्ग पर स्थित कारोबारी की फैक्ट्री और आवास पर सीजीएसटी की 5 सदस्यीय टीम ने सोमवार को छापा मारा। छापेमारी यूपी, गुजरात और अहमदाबाद के गोदामों तक भी फैली। टीम ने फैक्ट्री और सिटी स्टेशन से माल लोडिंग का ऑडिट किया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि माल का वजन तो सही था, लेकिन बिलिंग मात्र 10-20% के स्तर पर की जा रही थी।
कारोबारी पर यह आरोप है कि उन्होंने 2023-24 और 2024-25 के सितंबर तक के 70-80% कारोबार नगद में किया। इसके अलावा बड़ी मात्रा में ऐसा स्टॉक मिला, जिसके खरीद बिल नहीं थे।
क्या मिला छापेमारी में ?
(1) छह करोड़ की कर चोरी का खुलासा: प्रारंभिक जांच में छह करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है।
(2) लैपटॉप और कच्ची बिल बुक: जब्त किए गए लैपटॉप में कई लेजर मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
(3) भारी मात्रा में स्टॉक: फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में बिना बिल का स्टॉक मिला।
(4) रेलवे कर्मियों की भूमिका: माल लोडिंग में रेलवे के आरपीएफ और कॉमर्शियल कर्मियों की संलिप्तता सामने आई है।
परिवार को तीन दिनों तक रखा निगरानी में
कार्रवाई के दौरान जीएसटी टीम ने कारोबारी के परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल जब्त कर लिए। घर के सदस्यों को तीन दिनों तक एक कमरे में रखा गया। बच्चों को भी स्कूल जाने की अनुमति नहीं दी गई। टीम ने गहन पूछताछ के लिए परिजनों और एक रिश्तेदार को वहीं रोके रखा।
गुजरात और अन्य राज्यों तक फैला है कारोबार
पान मसाला कारोबारी का यूपी, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली तक व्यापार फैला हुआ है। हर महीने ट्रेनों और निजी परिवहन से करोड़ों रुपये का माल भेजा जाता था। हालांकि बिलिंग कम दिखाकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही थी।
छह महीने में दूसरी बार छापा
पान मसाला कारोबारी के ठिकानों पर छह महीने में यह दूसरी बार छापा पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी माल की कीमतें घटाकर बिल तैयार करता था और अधूरे रिटर्न दाखिल करता था।
जांच अभी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि टैक्स चोरी का आंकड़ा 10 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सीजीएसटी टीम आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।
