गोरखपुर
पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए वर्षों से दर-दर भटक रहा बुजुर्ग पति
गोलाबाजार (गोरखपुर)। मानवीय संवेदनाओं को दर किनार करते हुए सरकारी दफ्तरों की उदासीन कार्यशैली का एक प्रत्यक्ष उदाहरण विकास खंड गगहा का सामने आया है, जहां 83 वर्षीय बुजुर्ग एक अदद अपनी मृतक पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए महीनों से दर दर भटकने को मजबूर बना हुआ है। जिम्मेदार अधिकारी बुजुर्ग का फोन तक नहीं उठाते है।
प्राप्त विवरण के अनुसार गोला थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाण्डेयपार उर्फ डड़वा निवासी गनेश प्रसाद की पत्नी स्वर्गीय सोना देवी का निधन मार्च 2024 में हो गया था। अंत्येष्टि क्रिया के कुछ माह बाद से ही गनेश प्रसाद पत्नी का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विकास खंड से लेकर तहसील तक के चक्कर काट रहे हैं। बुजुर्ग का कहना है कि तमाम औपचारिकताएं पूरी कर उन्होंने सभी आवश्यक कागजात बांसगांव तहसील के एसडीएम कार्यालय में जमा कर दिए थे। वहां से आख्या के लिए पत्र लगभग एक माह पूर्व विकास खंड गगहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पाण्डेयपार उर्फ डड़वा के ग्राम विकास अधिकारी के पास भेजा गया, लेकिन अब तक न तो आख्या लगाई गई और न ही कागजात वापस भेजे गए।
सबसे दुखद पहलू यह है कि ग्राम विकास अधिकारी पीड़ित बुजुर्ग का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। उम्र और कमजोर स्वास्थ्य के कारण गनेश प्रसाद के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाना अब संभव नहीं रह गया है। वे व्यथित स्वर में कहते हैं कि अब समझ नहीं आता कि पत्नी का मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के लिए और कौन सा रास्ता अपनाया जाए। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी आशुतोष सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
वहीं जब इस मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी गगहा से बात की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि वे स्वयं ग्राम विकास अधिकारी से बात कर मामले का शीघ्र निस्तारण कराएंगे।
