वाराणसी
पति के मौत मामले में पत्नी सहित तीन बरी
भाई के आरोपों पर नहीं टिक पाया केस
वाराणसी। करीब 13 साल पहले हुई निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। वाराणसी कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य छुपाने के आरोपी महिला समेत तीनों आरोपितों को बरी कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एसडीजीसी) रमेशचंद्र राय ने बताया कि वाराणसी कोर्ट ने सहारनपुर निवासी मृतक की पत्नी गुड़िया, अमृतपुर निवासी साला सन्नी व ताजगंज नगर दुर्गापुर निवासी ससुर विजय सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।
अभियोजन अधिकारी ने रखी दलीलें
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मृतक देवकांत गुप्ता का शव 7 दिसंबर 2012 को सहारनपुर जिले के लाटूगंज गांव स्थित अपने घर के कमरे में फंदे से लटका मिला था। मृतक के छोटे भाई ने पत्नी, साला और ससुर पर हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाया था।
भाई ने लगाया हत्या का आरोप
छोटे भाई की तहरीर में कहा गया था कि उसकी भाभी का साले सन्नी से अवैध संबंध था। घटना के दिन पत्नी ने भाई को चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और फिर साले के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में दोनों ने शव को फंदे से लटका दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना की रिपोर्ट मृतक के छोटे भाई की तहरीर पर दर्ज की गई थी। पुलिस ने पत्नी, साला और ससुर के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों की गवाही और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं हो सका। अदालत ने सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
