गोरखपुर
पंचायत के बाद दो पक्ष भिड़े, खूनी संघर्ष से हड़कंप; एक घायल
गोरखपुर। गोला थाना क्षेत्र के दुरई बारानगर गांव में रविवार दोपहर पंचायत समाप्त होने के तुरंत बाद दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव हो गया। शांतिपूर्वक हुई पंचायत के चंद मिनट बाद बिगड़े हालात ने पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। इस मारपीट में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि दो महिलाओं को भी चोटें आई हैं। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पीड़ित राजीव ने बताई पूरी घटना
दुरई बारानगर निवासी राजीव पुत्र मिठाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे उनके दरवाजे पर दोनों पक्षों और गांव के संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई थी। विवाद निपटाने के उद्देश्य से हुई यह बैठक शांतिपूर्वक समाप्त हो गई। लेकिन पंचायत खत्म होते ही, जैसे ही लोग लौटने लगे, तभी विपक्षी पक्ष के लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
राजीव के अनुसार, गनेश पुत्र रामटहल, सनी पुत्र गनेश, जितेंद्र पुत्र स्व. पारसनाथ और दुर्गा पत्नी जितेंद्र ने उन्हें घेरकर पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी पुष्पा और भाई की पत्नी पुष्पा को भी आरोपियों ने बेरहमी से मारा-पीटा। हमले में राजीव के सिर में गहरी चोट आई, जबकि भाभी पुष्पा को भी कई स्थानों पर चोटें लगीं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर गाली-गलौज करते हुए हत्या की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस अलर्ट, गांव में तनाव
अचानक हुए इस हमले से गांव में तनाव फैल गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने भी घटना को चौंकाने वाला बताया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए भेजा। राजीव की हालत सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण चिंताजनक बताई गई है। परिवार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
थाना प्रभारी राहुल शुक्ला ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के बाद बढ़ते विवादों और हिंसा पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत का उद्देश्य समाधान होता है, लेकिन दुरई बारानगर जैसी घटनाएं शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
